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RSS: दत्तात्रेय होसबोले ने कहा- जातियों के आधार पर न हो वोटरों का आकलन, सभी महापुरुषों का हो सम्मान

Sun, 15 Mar 2026 07:23 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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दत्तात्रेय होसबोले। - फोटो : ANI
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देश में लगातार बढ़ रही जातियों की राजनीति ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को चिंतित कर दिया है। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि जातिगत आधार पर बढ़ रहे मतभेद को खत्म करने के लिए चुनाव में मतदाताओं का जातिगत आधार पर आकलन बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग के महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए और उसे लोगों के द्वारा अपने जीवन में उतारा जाना चाहिए। संघ नेता ने यह बात ऐसे समय में कही है जब जातिगत राजनीति अपने चरम पर है और यूजीसी के विवादित नियमों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।

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हरियाणा के समालखा में आयोजित आरएसएस के तीन दिवसीय बैठक के समापन अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए संघ नेता ने कहा कि संघ कभी किसी को अपने से अलग नहीं समझता। संघ की शाखाओं में हर वर्ग के लोग आते हैं। उनका किसी से कोई विरोध नहीं है और संघ किसी के विरोध के लिए नहीं गठित हुआ है। उन्होंने कहा कि संघ समाज की बेहतरी के लिए हर समुदाय और हर वर्ग के अच्छे लोगों को साथ लाने में विश्वास रखता है। 

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए संघ नेता ने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान केंद्र सरकार की नीति बेहतर रही है। संघ पूरी दुनिया में शांति चाहता है। यह भारत की सामान्य सोच रही है और संघ भी इसी के अनुसार सोचता है। पड़ोसी देशों में हिंदू समुदाय के लोगों पर हुई हिंसा पर भी संघ ने चिंता जताई है।  
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आरएसएस हरियाणा में अपने संगठन का बड़ा केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रहा है। उसका मानना है कि यहां एक प्रमुख मुख्यालय होने से वह उत्तर भारत के सभी राज्यों से बेहतर संपर्क में रह सकता है। पंजाब में राष्ट्रीय विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए वह राष्ट्रीय सिख संगत को अधिक प्रभावशाली बनाने पर विचार कर रहा है। 

संगठन में बड़ा बदलाव
संघ ने अपने संगठन में एक बड़ा बदलाव किया है। सांगठनिक कार्यों के लिए संघ ने देश को 46 प्रांतों में बांट रखा है, लेकिन अब इनकी जगह 80 संभाग बनाए जाएंगे। इसे कार्यों में विकेंद्रीकरण के लिए आवश्यक माना जा रहा है। संघ अंडमान से लेकर अरुणाचल प्रदेश और लेह के दुर्गम इलाकों तक में अपना विस्तार करने में सफल हुआ है। उसकी शाखाओं में भी छः हजार से अधिक की वृद्धि हुई है। 

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