राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई भी पदाधिकारी अपने संगठन के खिलाफ नहीं बोलता। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी चंपक राय और अन्य कुछ समय पहले तक अयोध्या में जोरदार तरीके से राम मंदिर की वकालत कर रहे थे। दो महीने पहले महंत नृत्य गोपाल दास की मौजूदगी में विहिप के विनोद बंसल समेत अन्य ने केन्द्र और राज्य सरकार को दिसंबर तक राम मंदिर निर्माण पर निर्णय लेने की चेतावनी दे दी थी, लेकिन अब चंपक राय के पास राम मंदिर पर चर्चा के लिए समय नहीं है।
बजरंग दल के एक नेता इस विषय में अभी कुछ नहीं कह पा रहे हैं। संघ के एक वरिष्ठ नेता ने फोन पर पीछा छुड़ाते हुए कहा कि अभी इंतजार कीजिए। भगवान राम हमारे आदर्श हैं और राम मंदिर निर्माण के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं। संघ के सूत्र बताते हैं कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ-साथ आरएसएस को राम मंदिर मुद्दे से काफी उम्मीद थी। संघ का गांव-गांव तक फैला संगठन है। लेकिन जिस तरह से नतीजे आए हैं, उसके बाद सारी सोच धरी की धरी रह गई है।
सर संघ चालक भी नहीं बोल रहे हैं
सर संघ चालक मोहन भागवत ने केंद्र सरकार से राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण के लिए कानून लाने की मांग की थी। सर सह कार्यवाह भैय्या जी जोशी ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलने की मांग की थी, लेकिन संघ अब इस मांग को धार नहीं दे रहा है। जबकि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है।