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संघ ने संविधान को ठीक करने पर दिया जोर

Wed, 26 Oct 2016 06:55 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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RSS - फोटो : File Photo
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सामान्य नागरिक संहिता और तीन तलाक के मामले को लेकर देश में छीडी बहस के बीच संघ ने संविधान को ठीक करने पर जोर दिया है। संघ का कहना है कि संविधान में अल्पसंख्यक शब्द जोडने के बाद ही बहूसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच विवाद बढा है। संघ सरकार्यवाह सुरेश भैय्या जी जोशी ने कहा कि जब संविधान में अल्पसंख्यक शब्द जोडा गया उसके बाद से ही समस्याएं बढी हैं। अल्पसंख्यक और बहूसंख्यक शब्द को लेकर पूरे भारत के लोगों में बंटवारा हो रहा है। इसको ठीक करने की जरूरत है। 
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जोशी ने कहा कि संविधान की सोच सही है, उसमें वी द पीपल हम भारत के लोग लिखा गया है। वी द पीपल में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक की बात ही नहीं है। अल्पसंख्यक शब्द के जोडने के बाद से ही समाज में बंटवारा बढा है। अल्पसंख्यक और बहूसंख्यक के भेद को रोकने के लिए संविधान को ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने यह बातें सामान्य नागरिक संहिता पर छीडी बहस के बीच अल्पसंख्यक आयोग के खत्म करने के सवाल पर कहीं। वहीं जेहादी सांप्रदायिक हिंसा पर तेवर कडे करते हुए संघ सरकार्यवाह ने कहा कि देश में ऐसे संवेदनशील इलाकों की संख्या बढ रही है। जहां सांप्रदायिक हिंसा की भयावह घटनाओं के कारण हिंदूओं को इन क्षेत्रों से पलायन को विवश होना पड रहा है। 

उन्होंने कहा कि केवल यूपी में ही नहीं पूरे देश में ऐसे इलाके हैं। जोकि गहरी चिंता का विषय है। पं बंगाल, तमीलनाडू और केरल की बात ही क्या कर्नाटक सरीखे शांतिप्रिय राज्य में हिंदूओं पर हिंसक हमले हुए हैं। उन्होंने कहा कि संबधित राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में कडी कार्रवाई करनी चाहिए। तो सामान्य नागरिक संहिता के मामले पर भैय्या जोशी ने कहा कि कानूनी कमी के कारण किसी के साथ भी भेदभाव उचित नहीं है। कानून की खामियों के वजह से भेदभाव नजर आ रहा है। इसके वजह से समाज नुकशान उठाए यह भी ठीक नहीं। समाज को होने वाले नुकशान को ठीक करने का कार्य सामान्य नागरिक संहिता के जरिए होना चाहिए। विधि आयोग ने मुक्त भाव से सबको पक्ष रखने का मौका दिया है। हमारी अपील है कि सभी अपना पक्ष रखें हम भी रखेंगे।
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तीन तलाक मुस्लिम समाज की अंदरूनी समस्या

संघ सरकार्यवाह ने तीन तलाक पर कहा है कि यह मुस्लिम समाज का अंदरूनी मामला है। इसपर मुस्लिम समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है। संघ शुरू से ही लिंग भेद के खिलाफ है। वर्तमान युग में किसी भी प्रकार का लिंग भेद ठीक नहीं है। मुस्लिम समाज की महिलाओं को न्याय मिले यही हमारी अपेक्षा है। अब यह मुस्लिम समाज को तय करना है कि वे कैसे अपनी महिलाओं को उचित न्याय प्रदान करें। इस मामले में उन्हें मानवीय आधार पर सोचना चाहिये।

पाक में हुए आतंकी हमले पर संघ
पाक में हुए आतंकी हमले की घटना पर संघ ने कहा है कि पाकिस्तान में क्या होता है उस पर हम चर्चा करके क्या करेंगे। उसके कारण भारत और उसके आस पास के देश शिकार न बने। इसको ठीक करने की जिम्मेदारी पाक की है। वह अपनी जनता की भी चिंता करे।

पाक कलाकारों के रोक पर
पाक कलाकारों के रोक पर भैय्या जी जोशी ने कहा है कि कलाकार के मामले में उदारता होनी चाहिए। कलाकर भोगोलिक बंधन से उपर होता है। इसमें उदारता और
प्रमाणिकता दोनों ही तरीकों से सोचना चाहिये। मगर पाक कलाकारों के बयान भी देखने की जरूरत है। यदि कोई पाकिस्तान कलाकार ये कह रहा है कि उनको भारत में काम नही करना तो उसको मुद्दा बनाना ठीक नही है, क्या हमारे यहां कलाकारों की कमी है? हम दूसरे देशों के कलाकारों पर क्यों निर्भर रहें। यदि भारतीय फिल्मकार कहता कि वो भारतीय कलाकारों का ही प्रयोग करेगा तो इसमें हर्ज किया है। हम भी मानते हैं कलाकार अंतर्राष्ट्रीय होता है लेकिन समय समय पर कुछ मामले आते हैं,  इसका सोल्यूशन निकालना चाहिये। लॉंग टाइम सोल्यूशन नही होता है।

भारत में हर मुद्दे को राजनीतिक बनाने की महारत
सर्जिकल स्ट्राईक को लेकर मोदी सरकार पर सियासत करने के लग रहे आरोपों पर संघ ने कहा है कि हमारे देश में हर मुद्दे को रजनीतिक बनाने की महारत हासिल है। सर्जिकल स्ट्राईक ऐसे भय के माहौल में हुआ है जहां सरकार को निर्णय लेना कठीन था। निर्णय लेने के लिए सरकार बधाई की पात्र है तो स्ट्राईक को अंजाम देने के लिए सेना के गौरव की सराहना होनी चाहएि।
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गोरक्षकों को मिले सुरक्षा

- फोटो : अमर उजाला
गोरक्षकों के विवाद पर संघ ने कहा है कि वह लम्बे समय से गौ रक्षा की बात कर रहा है, गौ रक्षकों को सुरक्षा मिलनी चाहिये। देशी नस्ल को बढ़ावा देना चाहिए। गोरक्षा का मामला भावनात्मक नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था से जुडा है।

चीन उत्पादों पर 
चीन के उत्पादों पर संघ सरकार्यवाह ने कहा कि हमारा शुरू से यह मत रहा है कि लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने चाहिये और केवल चाइना ही क्यों? हर देश का
उत्पाद प्रयोग करते समय इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि वहीं विदेशी उत्पाद खरीदें जिसका स्वदेशी कंपनियां निर्माण नहीं करती हैं।

जाति के आधार पर खत्म हो भेदभाव 
संघ ने कहा है कि आज भी समाज में जाति के आधार पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। हम जन्म के आधार पर जाति का विरोध करते हैं। ये खत्म होना चाहिये। यह समस्या सामाजिक है इसे खत्म करने की जिम्मेदारी भी समाज और उसके संगठनों पर है।

साईं बाबा
भगवान साईं बाबा के भगवान होने को लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के जरिए उठाए गए विवाद पर संघ ने कहा है कि हम तो हर इंसान में भगवान मानते हैं। इसलिये सांई बाबा में भी भगवान है। ये उनके भक्तों को तय करना है कि वो क्या मानते हैं, मंदिर बनाते हैं या नही।
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