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RSS: नागपुर में आरएसएस मुख्यालय समेत कई जगहों को मिली धमकी, रेडियोएक्टिव पदार्थ रखने का दावा, हाई अलर्ट जारी

Thu, 30 Apr 2026 10:37 AM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस,नागपुर

सार

पुलिस को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)  मुख्यालय समेत कई जगहों की धमकी मिली। धमकी में दावा किया गया है कि इन जगहों पर रेडियोएक्टिव पदार्थ का छिड़काव किया गया है। 
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आरएसएस मुख्यालय समेत कई जगहों को मिली धमकी - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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महाराष्ट्र के नागपुर में उच्च सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। दरअसल, पुलिस आयुक्त को एक गुमनाम पत्र भेजा गया है जिसमें दावा किया गया है कि महल स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय और रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में रेडियोएक्टिव पदार्थ का छिड़काव किया गया है। यह पत्र कथित तौर से डीएसएस नामक एक संगठन की ओर से भेजा गया है। इस पत्र की वजह से जांच बहुत गंभीर हो गई। आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) और एनडीआरएफ जैसी एजेंसियों को भी इसमें शामिल किया गया ।

पत्र मेंं क्या लिखा है?
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अंग्रेजी में लिखा गया गुमनाम पत्र 27 अप्रैल को डाक की ओर से पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्रकुमार सिंघल के कार्यालय पहुंचा। इसमें आरएसएस के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही एक भयावह चेतावनी जारी की गई थी।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीजियम-137 नामक एक अत्यंत खतरनाक  रेडियोएक्टिव पाउडर को कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण स्थानों पर रखा गया है।

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रेडियोएक्टिव पदार्थ क्या है?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीजियम-137 (137Cs) धातु सीजियम का एक रेडियोएक्टिव समस्थानिक है। यह प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता। यह परमाणु रिएक्टरों और हथियारों में यूरेनियम के परमाणु विखंडन का उप-उत्पाद है। इसकी अर्धायु 30.05 वर्ष है, जिसका अर्थ है कि इसकी रेडियोधर्मिता को आधा होने में तीन दशक लगते हैं। यह बीटा कण और शक्तिशाली गामा किरणें उत्सर्जित करता है।

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कितने जगहों किया है छिड़काव?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र में दावा किया गया है कि रेडियोधर्मी पदार्थ आरएसएस मुख्यालय (महल), रेशिमबाग स्मृति मंदिर, गणेशपेठ स्थित भाजपा कार्यालय, ऑरेंज और एक्वा दोनों लाइनों पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों की सीटों और आरएसएस और भाजपा कार्यालयों के पास के मार्गों पर चलने वाली बसों में रखा गया था। आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने रेडियोएक्टिव पदार्थ एक कैंसर अस्पताल से लिया था। पत्र में अधिकारियों को चुनौती देते हुए आगे कहा गया है, 'पूरा नागपुर शहर अब विकिरण के खतरे में है। तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र के विशेषज्ञ निरीक्षण करेंगे, तब आपको इसकी सच्चाई का पता चलेगा।

पत्र में हाल ही में हुई एक घटना का भी जिक्र किया गया था, जिसमें दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पीछे एक खुले मैदान में विस्फोटक और जिलेटिन की छड़ें मिली थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डीएसएस ने उन विस्फोटकों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा, 'यह तो सिर्फ एक चेतावनी थी; असली खेल तो अब शुरू हुआ है।'

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एनडीआरएफ क्या मिला? 
पत्र मिलने पर एटीएस ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ मिलकर आरएसएस मुख्यालय, मेट्रो स्टेशनों और अन्य उल्लिखित स्थलों की गहन तलाशी ली। विशेषज्ञों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में अभी तक रेडियोधर्मी पदार्थ का कोई निशान नहीं मिला है, जिससे संकेत मिलता है कि यह धमकी एक अफवाह या शरारत हो सकती है।

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संगठन का पता लगाने में जुटी पुलिस
एटीएस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सदर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरएसएस मुख्यालय 150 सीआईएसएफ कर्मियों और नागपुर पुलिस द्वारा 24 घंटे बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में है। हालांकि अधिकारियों को संदेह है कि यह दहशत फैलाने के उद्देश्य से किया गया एक दुर्भावनापूर्ण फर्जीवाड़ा हो सकता है, फिर भी वे कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। मेट्रो परिसर और आरएसएस परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पत्र भेजने वाले की तलाश जारी है। इसके अलावा, अधिकारी पत्र के स्रोत और डीएसएस संगठन का पता लगाने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

 

 

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