राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है। इसीलिए इस चुनाव की तैयारी सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की देखरेख में ही कराई जाएगी।
इसी तरह राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि खरीद पर छिड़े विवाद के मद्देनजर अब इसकी जिम्मेदारी पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी को दिए जाने की संभावना है।
इस तरह के कई महत्वपूर्ण निर्णय 9 जुलाई से चित्रकूट में होने वाली संघ के क्षेत्र व प्रांत प्रचारकों की चार दिवसीय बैठक में लिए जाने की संभावना है। महामारी की वजह से इस बैठक में सिर्फ क्षेत्र प्रचारक ही मौजूद होंगे और प्रांत प्रचारक डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल होंगे।
हालांकि, संघ के सभी महत्वपूर्ण निर्णय अखिल भारतीय प्रतिनिधि भैयाजी जोशी सभा में लिए जाते हैं और कार्यकारी मंडल व प्रांत प्रचारक बैठकों में सिर्फ चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा होती है और अगले वर्ष के कार्यों की रूपरेखा तय की जाती है । लेकिन, इस बार उत्तर प्रदेश के चुनावों के मद्देनजर प्रांत प्रचारक बैठक महत्वपूर्ण हो गई है।
अगली पीढ़ी के नेतृत्व की चिंता
संघ का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही अगली पीढ़ी का नेतृत्व तय हो जाना चाहिए ताकि 2004 की तरह राजनीतिक निर्वात का सामना न करना पड़े। इसीलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव की जिम्मेदारी डॉ कृष्ण गोपाल के बजाय दत्तात्रेय होसबाले स्वयं अपने ऊपर लेना चाहते हैं।
अहम होगी होसबाले की भूमिका
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश भाजपा में हुए घटनाक्रम के दौरान भी होसबाले की भूमिका महत्वपूर्ण थी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर प्रदेश पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं से उन्होंने स्वयं फीडबैक लिया था। उसी के बाद तय किया गया कि अगला चुनाव मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।