राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कश्मीर पर फिर से मुहर लगा दी है। जम्मू में पहली बार हो रहे अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में सर संघ चालक मोहन भागवत ने जम्मू कश्मीर के ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव संघ के प्रचारक की हैसियत से बैठक में शामिल हुए।
सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में अशांति के माहौल से निपटने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा उठाए कदमों पर संघ प्रमुख को विधिवत जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार आतंकियों के पूरी तरह सफाए और अलगाववादियों पर सख्ती की नीति पर चल रही है। संघ ने इसे उचित ठहराया है। पाकिस्तान से सीजफायर के उल्लंघन पर भारतीय सेना द्वारा मुंहतोड़ जवाब की नीति पर भी संघ ने मुहर लगाई है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की चौकियों को तबाह करने जैसे सख्त कदम को भी संघ ने सराहा है।
आतंक और पत्थरबाजी के लिए पाकिस्तान द्वारा अलगाववादियों को फंड मुहैया कराने पर एनआईए की जांच को भी संघ की सहमति है। अलगाववादियों पर शिकंजा कसते हुए इस पूरे समूह को कश्मीरी समाज में अलग-थलग करने की रणनीति से भी संघ सहमत है। अलगाववादियों द्वारा अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाने और आम कश्मीरियों के बच्चों को पत्थरबाजी के लिए उकसाने की नीति पर इस समूह को बेनकाब करने के लिए अभियान की सलाह दी गई है।
गठबंधन धर्म निभाते हुए अनुच्छेद 370 पर दृढ़ता से पक्ष रखने की नसीहत
सूत्रों के मुताबिक संघ ने वर्तमान परिस्थिति में पीडीपी के साथ सरकार चलाने पर सहमति जताई है लेकिन विचारधारा को हर स्थान पर दृढ़ता से रखने पर जोर दिया है। संघ ने नसीहत दी है भाजपा ने सरकार चलाने के लिए भले ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय किए हों, एजेंडा आफ अलायंस में भले ही अनुच्छेद 370 पर यथास्थिति की बात हो लेकिन पार्टी को आम लोगों के बीच अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को जाहिर करते रहना चाहिए।