आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारे संतों की कृतियां देश की एकता के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि उनका संदेश एक है, इसलिए इनका सभी भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि ज्ञानेश्वर जैसे संत-कवियों की रचनाओं का सभी भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए।
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संघ प्रमुख संत ज्ञानेश्वर की रचना ज्ञानेश्वरी का संस्कृत में अनुवाद करने के लिए कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुसूदन पेन्ना के सम्मान समारोह में बोल रहे थे।