राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को बुरी ताकतों से मातृभूमि और भारतीय दर्शन की रक्षा के लिए हिंदुत्व में भरोसा रखने वालों से एकजुट होने की अपील की। वे अपने पांच दिवसीय त्रिपुरा दौरे के तीसरे दिन स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। भागवत ने मानवता को मजबूत करने और जीवों के खिलाफ क्रूरता का विरोध करने के लिए सभी धर्मों के लोगों से एकजुट होने की भी अपील की।
भागवत ने कहा कि संघ किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं है, लेकिन वह भारत में मानवीय सुशासन के साथ तमाम नागरिकों के अधिकारों व धर्मों की सुरक्षा के साथ ही हर तरह के अत्याचार पर अंकुश लगाने का पक्षधर है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि किसी वजह से संघ को देश के लोगों में सांप्रदायिक नफरत फैलाने का जिम्मेदार माना जाने लगा है।
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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख ने कहा कि भारत एक बहु धार्मिक और बहु सांस्कृतिक राष्ट्र है। यहां तमाम नागरिकों को अपनी पसंद के धर्म व परंपराओं का पालन करने की आजादी है। उन्होंने कहा कि संघ निजी अधिकारों में हस्तक्षेप का पक्षधर नहीं है, लेकिन संगठन मातृभूमि की रक्षा संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहता है।