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मंदिर-मस्जिद विवाद: 'भागवत का बयान स्वागत योग्य', मुस्लिम धर्मगुरु-नेता बोले- कुछ ताकतें दोनों को भड़का रहीं

Sat, 21 Dec 2024 07:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव यासूब अब्बास ने कहा, मैं भागवत के बयान का स्वागत करता हूं। हर मस्जिद के नीचे मूर्ति तलाश करना, हर मजार के नीचे मंदिर तलाश करना, देश की एकता के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। एक जगह मंदिर बन गया लेकिन अब मुल्क के माहौल को खराब किया जा रहा है। कुछ बाहरी ताकतें हैं, जो दोनों तरफ काम कर रही हैं।
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यासूब अब्बास, इकरा हसन, अफजाल अंसारी, मोहिबुल्लाह नदवी - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
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विस्तार
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 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से बृहस्पतिवार को देश में मस्जिद-मंदिर के नए विवादों के पैदा होने को चिंताजनक बताने और यह कहने कि कुछ लोग हिंदुओं का नेता बनने के लिए ऐसा कर रहे हैं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं ने खुशी जताई है। मुस्लिम जगत के इन नेताओं ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में ऐसा बयान आना बेहद मायने रखता है।

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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव यासूब अब्बास ने कहा, मैं भागवत के बयान का स्वागत करता हूं। हर मस्जिद के नीचे मूर्ति तलाश करना, हर मजार के नीचे मंदिर तलाश करना, देश की एकता के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। एक जगह मंदिर बन गया लेकिन अब मुल्क के माहौल को खराब किया जा रहा है। कुछ बाहरी ताकतें हैं, जो दोनों तरफ काम कर रही हैं। वो एक तरफ हिंदुओं से कह रही हैं कि तुम मूर्ति ढूंढो-शिवलिंग ढूंढो और दूसरी तरफ मुसलमानों से कहती हैं कि तुम इसका विरोध करो अल्ला हू अकबर के नारे लगाओ। यह ठीक नहीं है।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भागवत के बयान का स्वागत करते हुए कहा, देश में 2-4 ऐसे असामाजिक तत्व है, जो देशभर में हर विशेष धार्मिक स्थल के नीचे दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल तलाश कर रहे है। ये लोग नेता बनने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर कर रहे हैं। ऐसे लोगों को इस बात की कोई चिंता नहीं है कि उनकी इन गतिविधियों से देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचता है।
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बहुत सकारात्मक बयान : कल्बे सिब्ते नूरी
मुस्लिम धर्मगुरु कल्बे सिब्ते नूरी ने कहा कि भागवत का बयान बहुत सकारात्मक है। 18-20 करोड़ मुसलमानों को अलग करके भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता।

  • डॉ. नूरी ने भाजपा नेताओं से आग्रह किया कि वे आरएसएस प्रमुख के संदेश को आगे बढ़ाएं और देश का माहौल खराब करने की कोशिशों को रोकें।

पहली बार बयान से इत्तेफाक : इकरा
कैराना से सपा सांसद इकरा चौधरी ने भी आरएसए प्रमुख के बयान का समर्थन किया है। इकरा ने कहा, पहली बार उनके बयान से इत्तेफाक रखती हूं। वर्तमान की जरूरत भी यही है कि इस तरह के मुद्दे बंद हों। मैं यह भी कहना चाहती हूं कि ये सब प्रयोग उन्हीं के संघ द्वारा शुरू हुआ, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। बयान देर से आया है, लेकिन इसका स्वागत करते हैं।

कुछ लोगों में नेता बनने की होड़ : अफजाल
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, भागवत के बयान का स्वागत करते हैं। कुछ नेता मशहूर होने के लिए और सस्ते ढंग से एक धर्म विशेष का नेता बनने की कोशिश करते हैं, अब भागवत बोले हैं। हम स्वागत करते हैं।

ऐसे लोगों पर कार्रवाई करे सरकार : नदवी
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भागवत के बयान पर कहा, ज्यादती बढ़ रही है, कोई तथ्य नहीं होते हैं। भाजपा झूठ का सहारा लेती है, जो करती है, वो अफसोस की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार को आगे आना पड़ेगा। उन  लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी, जो ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं।

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