राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से बृहस्पतिवार को देश में मस्जिद-मंदिर के नए विवादों के पैदा होने को चिंताजनक बताने और यह कहने कि कुछ लोग हिंदुओं का नेता बनने के लिए ऐसा कर रहे हैं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं ने खुशी जताई है। मुस्लिम जगत के इन नेताओं ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में ऐसा बयान आना बेहद मायने रखता है।
पहली बार बयान से इत्तेफाक : इकरा
कैराना से सपा सांसद इकरा चौधरी ने भी आरएसए प्रमुख के बयान का समर्थन किया है। इकरा ने कहा, पहली बार उनके बयान से इत्तेफाक रखती हूं। वर्तमान की जरूरत भी यही है कि इस तरह के मुद्दे बंद हों। मैं यह भी कहना चाहती हूं कि ये सब प्रयोग उन्हीं के संघ द्वारा शुरू हुआ, लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। बयान देर से आया है, लेकिन इसका स्वागत करते हैं।
कुछ लोगों में नेता बनने की होड़ : अफजाल
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, भागवत के बयान का स्वागत करते हैं। कुछ नेता मशहूर होने के लिए और सस्ते ढंग से एक धर्म विशेष का नेता बनने की कोशिश करते हैं, अब भागवत बोले हैं। हम स्वागत करते हैं।
ऐसे लोगों पर कार्रवाई करे सरकार : नदवी
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भागवत के बयान पर कहा, ज्यादती बढ़ रही है, कोई तथ्य नहीं होते हैं। भाजपा झूठ का सहारा लेती है, जो करती है, वो अफसोस की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार को आगे आना पड़ेगा। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी, जो ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं।