नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के लिए सरकार ने इस वित्तीय वर्ष 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात जनवरी को प्रोग्राम की शुरुआत की थी, जिससे ब्लॉक स्तर पर शासन में सुधार किया जा सके। एबीपी को देश के 329 जिलों के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में लागू किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक ब्लॉक
अधिकारी ने बताया कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2034-2024 में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उम्मीद है कि सभी 500 पिछड़े ब्लॉक विकास के क्षेत्र में राज्य के औसत तक पहुंच जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 500 आकांक्षी ब्लॉकों में से 160 ब्लॉक 112 महत्वाकांक्षी जिलों का हिस्सा हैं। कार्यक्रम में सबसे अधिक ब्लॉक उत्तर प्रदेश (68) और बिहार (61) के शामिल हैं। अधिकारी की मानें तो नीति आयोग हर तिमाही ब्लॉकों के प्रदर्शन के आधार पर आकांक्षी ब्लॉकों की रैकिंग तय करेगा।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम का किया शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए 'संकल्प सप्ताह' का शुभारंभ किया। 'संकल्प सप्ताह' आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ा है। आकांक्षी ब्लॉकों के लिए चलने वाले कार्यक्रम ‘संकल्प सप्ताह’ सप्ताह भर चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम ने 112 जिलों में 25 करोड़ से अधिक लोगों की जिंदगी बदल दी है। कार्यक्रम की सफलता अब आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का आधार बनेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में ब्लॉक पंचायतों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब हर ग्राम पंचायत काम तेजी से करेगी तो ही हर ब्लॉक का विकास तेजी से होगा। जो लोग इस मिशन से जुड़े हैं, मैं सभी लोगों को बधाई देता हूं, धन्यवाद देता हूं।