नागालैंड की क्षेत्रीय पार्टी राइजिंग पीपुल्स पार्टी (आरपीपी) का शनिवार को सत्तारूढ़ नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) में औपचारिक विलय हो गया। कोहिमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और एनपीएफ अध्यक्ष नेफ्यू रियो ने आरपीपी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नागा राजनीतिक मुद्दे का सम्मानजनक और जल्द समाधान एनपीएफ और राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागाओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील भी की।
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विपक्ष रहित सरकार का उद्देश्य नागा मुद्दे का समाधान
सीएम रियो ने कहा कि नागालैंड में विपक्ष रहित सरकार इस बात का प्रतीक है कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधि नागा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनपीएफ और पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) सरकार दोनों की प्राथमिकता दशकों पुराने नागा राजनीतिक विवाद का जल्द समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि नागा लोग कई पीढ़ियों से इस समाधान का इंतजार कर रहे हैं और वे सम्मानजनक, समावेशी और सभी को स्वीकार्य राजनीतिक समाधान चाहते हैं। एनपीएफ ऐसा माहौल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।
'भौगोलिक सीमाएं अलग कर सकती हैं, पहचान नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागा समुदाय आज नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और म्यांमार में फैला हुआ है। प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं ने लोगों को अलग जरूर किया है, लेकिन वे उनकी साझा पहचान और इतिहास को खत्म नहीं कर सकतीं। उन्होंने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में नागा बहुल क्षेत्रों का एक प्रशासनिक ढांचे में आना फिलहाल संभव नहीं दिखता, लेकिन भावनात्मक एकता को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नागा समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाकर और भाईचारा मजबूत करके इस दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। सीएम रियो ने कहा कि नागा लोगों की हमेशा से इच्छा रही है कि वे एक परिवार और एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत रहें। भले ही यह लक्ष्य अभी पूरा न हो सके, लेकिन इसे छोड़ना नहीं चाहिए।
मणिपुर के नागाओं से भी एनपीएफ को मजबूत करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीएफ की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वह सभी नागाओं के लिए लोकतांत्रिक राजनीतिक मंच बने। उन्होंने मणिपुर के नागाओं से भी आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनुसार एनपीएफ को मजबूत करने और नागा हितों के लिए एक साझा राजनीतिक मंच तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल मतभेद और टकराव का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सुलह, विश्वास और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने का जरिया भी होनी चाहिए।
शांति के साथ विकास पर भी जोर
सीएम रियो ने कहा कि राज्य सरकार शांति और विकास को साथ लेकर चलना चाहती है। सरकार का ध्यान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, निवेश, उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने पर है। साथ ही महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनपीएफ और भाजपा का गठबंधन नागालैंड में जल्द राजनीतिक समाधान और तेज विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बना है। इसके साथ ही पार्टी नागा पहचान, परंपराओं और ईसाई मूल्यों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।
2020 में बनी थी आरपीपी
राइजिंग पीपुल्स पार्टी (आरपीपी) का गठन 2 अक्तूबर 2020 को हुआ था और जून 2021 में इसे चुनाव आयोग से मान्यता मिली थी। पार्टी के अध्यक्ष जोएल नागा थे। आरपीपी ने स्वच्छ शासन और चुनावी सुधारों के मुद्दे पर खुद को क्षेत्रीय विकल्प के रूप में पेश किया था। हालांकि, 2023 के नागालैंड विधानसभा चुनाव में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। वर्तमान में 60 सदस्यीय विधानसभा या राज्य के किसी भी शहरी स्थानीय निकाय में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
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विलय के बाद नई जिम्मेदारियां
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार और एनपीएफ के अध्यक्ष एमेरिटस चिंगवांग कोन्याक ने भी संबोधित किया। इसके बाद आरपीपी अध्यक्ष जोएल नागा ने औपचारिक रूप से अपनी पार्टी के एनपीएफ में विलय की घोषणा की। एनपीएफ के महासचिव और मुख्यमंत्री के सलाहकार अचुम्बेमो किकोन ने विलय की आधिकारिक घोषणा की, जबकि एनपीएफ के कार्यकारी अध्यक्ष पुसाजो लुरुओ ने नए सदस्यों को शपथ दिलाई। विलय के बाद आरपीपी के कई नेताओं को एनपीएफ के केंद्रीय संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।