महिला यात्रियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए जारी नए दिशा-निर्देश के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मियों को बीते पांच साल में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों का ब्योरा तैयार करने और अपराधियों का डाटाबेस बनाने को कहा गया है।
आरपीएफ कर्मी यह भी सुनिश्चित करें कि सभी स्टेशनों पर उपलब्ध मुफ्त वाई-फाई से पोर्न सामग्री डाउनलोड न की जा सके। प्लेटफॉर्मों और यार्डों में अलग-थलग और वीरान पड़े ढांचे, कमरे, बेकार पड़ी इमारतें, जिनकी सुरक्षा नहीं की जाती है, उन्हें फौरन ढहा दिया जाए।
यह आदेश आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार की ओर से जारी हुए हैं। इसमें कहा गया है कि जब तक सुनसान और बेकार पड़े ऐसे ढांचे गिराए नहीं जाते, तब तक ड्यूटी स्टाफ इसकी नियमित जांच करे। खास तौर पर रात के समय या उस वक्त, जब लोगों की मौजूदगी कम से कम हो।
साथ ही सभी पोस्ट कमांडरों को बीते पांच साल में दुष्कर्म समेत महिलाओं के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं का ब्योरा जुटाना होगा और इसका व्यापक आकलन करना होगा।
इसके अलावा, ट्रेनों की महिला कोचों पर कर्मचारियों को नजर रखने को कहा गया है और ट्रेन से उतरने के बाद प्लेटफॉर्मों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही स्टाफ और यात्रियों को इस बारे में जागरूक करने को भी कहा गया है।
अपराधों के कारणों का गहराई से करना होगा अध्ययन
आदेश के मुताबिक, महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के कारणों, सुरक्षा प्रक्रिया में खामी, सुरक्षा उपकरणाें की नाकामी, अपराध के तरीके, महिलाओं के लिए खतरे वाले क्षेत्र, स्थान, दिन, महीने और साल की अवधि, जांच या मुकदमे की स्थिति, गिरफ्तारी की स्थिति, अपराधियों और उनके सहयोगियों के ठिकानों आदि के बारे में रेलवे पुलिस / स्थानीय पुलिस, स्टेशन स्टाफ और गैर सरकारी संगठनों के साथ सावधानी से जांच की जानी चाहिए।
अपराधियों की तस्वीरें भी जुटाएं
यह भी कहा गया कि कर्मियों को ऐसे अपराधों में शामिल अपराधियों की तस्वीरें जुटानी चाहिए और एक डाटाबेस भी बनाना चाहिए, जिसे सीसीटीएनएस / आईसीजेएस और राज्य पुलिस डिजिटल डाटाबेस के माध्यम से हासिल किया जा सकता है।
छोटी अवधि की कार्रवाई योजना में संदिग्धों पर रखी जाए नजर
निर्देशों में कहा गया है कि डाटा के अध्ययन के आधार पर कार्रवाई योजना को दो हिस्सों लघुकालिक और दीर्घकालिक योजना के रूप में अंजाम दिया जाना चाहिए। छोटी अवधि की कार्रवाई योजना मौजूदा संसाधनों को देखते हुए बिना देरी किए फौरन लागू की जाए। इसमें संदिग्धों पर नजर, ड्यूटी अफसरों को खतरे वाली जगहों पर बार-बार दौरे करना शामिल है।
दीर्घकालिक कार्रवाई योजना: सीसीटीवी और ढांचों का निर्माण
दीर्घकालिक कार्रवाई योजना के तहत बुनियादी ढांचों का निर्माण, सीसीटीवी और सुरक्षा के अन्य पहलू शामिल हैं।
आदेशों में यह भी....
- अंधेरे वाली जगहों पर रोशनी की व्यवस्था हो
- संदिग्ध जगहों, पार्किंग, प्लेटफॉर्म के अंत में, यार्ड, कार शेड, मेंटेनेंस डिपो जैसी अंधेरी जगहों पर रोशनी की व्यवस्था की जाए।
- रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर पाबंदी हो। वेटिंग रूम में हमेशा कोई सहायक होना चाहिए और रात के समय ड्यूटी इंस्पेक्टर को दौरा करना होगा।
- स्टेशन या आस-पास के इलाकों में कोई संदिग्ध दिखाई दे तो उससे पूछताछ की जाए।
- छेड़खानी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। महिलाओं को आगे आकर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।
- ट्रेन के भीतर टॉयलेट के आसपास भीड़ जुटने पर रोक लगे। मेरी सहेली पहल के तहत अकेले यात्रा कर रही महिलाओं और छोटे बच्चों का खास ख्याल रखा जाए।
- सभी आपात नंबर ट्रेन के टिकट के पीछे लिखे होने चाहिए और रेलवे द्वारा इनका प्रचार प्रसार भी किया जाए।