रोज वैली समूह के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून के तहत चल रही चांज के तहत करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने एक बयान में कहा, धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संपत्तियों की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है और जमीन, फ्लैट, वाणिज्यिक और कार्यालय स्थान, दुकानों सहित 139 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया है, रोज वैली समूह की विभिन्न कंपनियों और त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इसके निदेशकों के नाम पर पंजीकृत कंपनी पर रोक लगा दी गई है।
धनशोधन का मामला सीबीआई की एक प्राथमिकी और आरोपपत्र के बाद सामने आया है। ईडी ने कहा, जांच में पाया गया कि असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड और कई अन्य राज्यों में स्थित एजेंटों की एक श्रृंखला के माध्यम से फर्जी और मनगढ़ंत योजनाओं को बेचकर धन एकत्र किया गया था।
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इसमें कहा गया है, असम में रोज वैली रियल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (आरवीआरईसीएल) और उसके सहयोगी समूहों के नाम पर योजनाओं को बेचा गया और फर्जी योजनाओं को बेचकर एकत्र किए गए धन को कोलकाता में रोज वैली समूह के कॉर्पोरेट कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। बाद में ऋण और अग्रिम की आड़ में धन को कॉर्पोरेट कार्यालय से विभिन्न कंपनियों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।'
एजेंसी ने कहा कि असम के निवेशकों को करीब 718 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। रोज वैली समूह और उसके अध्यक्ष गौतम कुंडू के खिलाफ ईडी की जांच 2014 की है और एजेंसी ने अदालतों के समक्ष कई आरोप पत्र भी दायर किए हैं।
चाइनीज लोन एप्स: 106 करोड़ रुपये की धनराशि कुर्क
चीनी नागरिक द्वारा नियंत्रित मोबाइल फोन आधारित ऋण एप के खिलाफ चल रही जांच के तहत विभिन्न पेमेंट गेटवे मर्चेंट आईडी और बैंक खातों में रखी करीब 106 करोड़ रुपये की धनराशि को धनशोधन रोधी कानून के तहत कुर्क किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को यह कार्रवाई की। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला संघीय एजेंसी ने दर्ज किया था। एजेंसी ने बेंगलुरु (कर्नाटक) में दर्ज कुछ पुलिस एफआईआर का संज्ञान लिया था। मामले कई संस्थाओं के खिलाफ दर्ज किए गए थे। मामले में उन लोगों को जबरन वसूली के लिए परेशान किया गया, जिन्होंने मोबाइल एप के जरिए से छोटा-सा ऋण लिया था।