आत्महत्या करने वाले रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमूला की जाति को लेकर अब एक और रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाने वाली परिस्थितियों की जांच करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा गठित पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 26 साल का रोहित अनुसूचित जाति से नहीं था। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित ने इस साल जनवरी में आत्महत्या कर ली थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था।
अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज एके रूपनवाल को एक सदस्यीय जांच कमिशन के लिए नियुक्त किया गया था। जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट अगस्त में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) को सौंपी थी।