हैदराबाद विश्वविद्यालय में शोध कर रहे छात्र रोहिल वोमिला आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। पिछले दो सालों में रोहित वेमुला आत्महत्या मामले पर राजनीतिक पार्टियों ने जमकर राजनीति की और एससी एससी एक्ट और केंद्र की मोदी सरकार को दलित विरोधी करार करने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहित वेमुला मामले के बाद ही तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को अपने मंत्रालय से हाथ धोना पड़ा था। रोहित की आत्महत्या की के बाद पूरे देश में राजनीतिक पार्टियों ने आंदोलन चलाया था और राजनीतिक पार्टियों के नेता भी उनकी मां राधिका वेमुला से बड़े बड़े वादे किए थे। लेकिन उन वादों का क्या हुआ?
इस मामले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर आप पार्टी के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जलते मामले में हाथ सेंका था। लेकिन यह मामला तब उल्टा पड़ गया जब रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला ने मुस्लिम लीग पार्टी पर आरोप लगाया कि रोहित की मौत के बाद घर पर मिलने आए लीग के नेताओं ने 20 लाख रुपये देने का वादा किया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी मुझे फूटी कौड़ी नहीं मिली है। उन्हें एक चेक दिया भी गया तो वह बाउंस हो गया।
कब- कब क्या क्या हुआ
नरेंद्र मोदी- हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनको इस बात का बेहद अफसोस है कि मां भारती ने अपना एक लाल खो दिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान दलित छात्र का जिक्र करते भावुक हुये मोदी ने कहा ‘‘ रोहित की खुदकुशी से पीड़ा महसूस करता हूं। मां भारती ने रोहित के रूप में अपना एक लाल खो दिया है। ’’
रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद देशभर में क्षुब्ध छात्रों प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप है कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय के दबाव में हुयी कार्रवाई की वजह से वेमुला को आत्मघाती कदम उठाने के लिये विवश होना पड़ा। रोहित वेमुला की खुदकुशी को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया।
राहुल गांधी - वेमुला की आत्महत्या किए जाने के कुछ दिनों के अंदर ही हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी पहुंचे गए थे। राहुल गांधी ने मृतक रोहित की मां से भी मुलाकात कर कहा था कि वो एक राजनेता की हैसियत से नहीं आए हैं, बल्कि एक युवा की तरह दूसरे युवाओं से मिलने आए हैं। राहुल ने रोहित की मां से मुलाकात के दौरान कहा था उनके परिवार और मां को जो छति पहुंची है, उसका मुआवजा दिया जाना चाहिए, लेकिन इस मुआवजे का मतलब पैसा नहीं होना चाहिए बल्कि सम्मान है।
रोहित ने 17 जनवरी, 2016 को यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रावास के एक कमरे में आत्महत्या कर ली थी। रोहित विश्वविद्यालय द्वारा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किये जाने से कथित रूप से परेशान था। रोहित के आत्महत्या के बाद से राजनीति शुरू हो गई थी और विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर केन्द्र पर निशाना भी साधा था। विश्वविद्यालय के छात्रों, कुछ राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के एक समूह ने आरोप लगाया था कि इस आत्महत्या के लिए कुलपति भी जिम्मेदार हैं। छात्रों के एक समूह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अप्पाराव और चार अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था।
कन्हैया कुमार- जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने हैदराबाद पहुंचे थे और रोहित वेमुला की मां को भगत सिंह की मां जैसा बताया था।
अरविंद केजरीवाल- रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी हैदराबाद युनिवर्सिटी पहुंचे थे। छात्रों से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा था की स्मृति ईरानी ने एक के बाद एक झूठ बोला। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री पर यह भी आरोप लगाया था कि रोहित की जाति को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय पर आरोप लगाते हुए कहा था एक जिम्मेदार मंत्री ने तथ्य जाने बगैर अम्बेडकर छात्र संगठन को जातिवाद करार दे दिया। दत्तात्रेय ने राष्ट्र-विरोधी, जातिवादी और कट्टरपंथ यह तीन शब्दों का प्रयोग किया जो कि शर्मनाक है।
कांग्रेस,बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और तृणमूल कांग्रेस के डैरेक ओ ब्रायन ने घटना को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधते हुये मामले में कार्रवाई की मांग की थी। बालीवुड के कई सितारों ने भी दलित छात्र की खुदकुशी पर अफसोस जताया था।