प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र राज्य सरकारी बैंक (एमएससीबी) घोटाले में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार को आरोपी बनाया है। ईडी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें अभियुक्त के तौर पर रोहित का भी नाम है। अब इसे लेकर रोहित पवार ने दावा किया है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने रहा कि राजनीतिक कारणों के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
रोहित पवार ने कहा कि प्राथमिकी में 97 अन्य लोगों के भी नाम शामिल हैं। लेकिन इन सबके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। चूंकि अब मामला अदालत में है। ऐसे में इसे मैं कानूनी तौर पर लड़कर जीतूंगा। बता दें कि अहिल्यानगर जिले की कर्जत-जामखेड विधानसभा सीट से एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित से ईडी ने मामले के सिलसिले में पहले भी दो बार पूछताछ की थी।
गौरतलब है कि एमएससीबी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सबसे पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की अगस्त 2019 में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें एमएससीबी के तत्कालीन अधिकारियों और निदेशकों द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना अपने रिश्तेदारों/निजी व्यक्तियों को औने-पौने दामों पर एसएसके (सहकारी चीनी मिल) की धोखाधड़ी से बिक्री का आरोप लगाया गया है।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि एमएससीबी ने कन्नड़ एसएसके लिमिटेड के 80.56 करोड़ रुपये के बकाया ऋण की वसूली के लिए 13 जुलाई, 2009 को वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन (एसएआरएफएईएसआई) अधिनियम के तहत उसकी सभी परिसंपत्तियों पर कब्जा कर लिया। बाद में एमएससीबी ने कन्नड़ एसएसके की नीलामी की और फर्जी तरीके से रोहित पवार के स्वामित्व वाली कंपनी बारामती एग्रो लि. को बहुत कम कीमत पर उसका मालिकाना हक दे दिया।