देश में बांग्लादेश और म्यांमार से आये घुसपैठिये गरीब पूर्वांचली लोगों का हक छीन रहे हैं। वे पूर्वांचलियों के अनाज को खा रहे हैं और उनके नौकरी के अवसरों को खत्म कर रहे हैं। यही कारण है कि भाजपा उन्हें देश से बाहर निकालना चाहती है और वह इसके लिए पूरी कोशिश करेगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में पूर्वांचली लोगों की एक रैली को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
दिल्ली में लोकसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी भी देशभक्त को एनआरसी से परेशानी नहीं होनी चाहिये क्योंकि यह बाहर से आये अवैध लोगों के खिलाफ है, न कि भारत के लोगों के खिलाफ। ऐसे में राहुल गांधी और उनकी टीम के कुछ लोगों के विरोध का कोई मतलब समझ नहीं आता है। उन्हें रोहिंज्ञाओं के मानवाधिकार की चिंता है, लेकिन देश के गरीब लोगों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अवैध घुसपैठिये लोगों को देश से बाहर भेजने के लिए दृढ़ हैं और वे उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे।
दिल्ली प्रदेश भाजपा के पूर्वांचल मोर्चे द्वारा आयोजित इस रैली में अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने शासन के 55 साल में पूर्वांचल का विकास नहीं किया। इस देश के विकास में पूर्वांचली लोगों के पसीने का बहुत बड़ा योगदान है लेकिन कभी उसे इसकी कीमत नहीं मिली। लेकिन मोदी सरकार ने अपने सिर्फ 4.5 साल के शासनकाल में पूर्वांचल के विकास के लिए 13 लाख 80 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं।
इसमें से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी भी की जा चुकी है। वाराणसी, गोरखपुर से लेकर मधेपुरा और रांची तक विकास की अनेक योजनाओं का शुभारंभ किया गया है जिसका लाभ आने वाले समय में पूर्वांचली लोगों को मिलेगा।