रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को लेकर आलोचना झेल रहे म्यांमार को भारत सैन्य साजो-सामान दे सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि म्यांमार नौसेना के प्रमुख की भारत यात्रा के दौरान बृहस्पतिवार को इस संबंध में चर्चा हुई।
दोनों पक्षों के बीच म्यांमार के नौसैनिकों को भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों में ट्रेनिंग देने को लेकर भी बात हुई। भारत के म्यामांर को सैन्य साजो सामान देने के इस फैसले को क्षेत्र में चीन की बढ़ती चुनौती का जवाब देने के कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है।
भारत ने यह फैसला तब किया है, जब पश्चिमी देश म्यांमार पर रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा रोकने का दबाव बढ़ा रहे हैं। हालांकि म्यांमार ने आरोपों को खारिज कर दिया है। बुधवार को म्यांमार नौसेना के प्रमुख ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की थी।
पढें- सरकार के फैसले को चुनौती, कहा- रोहिंग्याओं को म्यांमार भेजना उन्हें मौत के मुंह में ढकेलने जैसा
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गश्ती नौकाओं की आपूर्ति को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि म्यांमार की हमारी लुक ईस्ट नीति में अहम भूमिका है। इसमें रक्षा संबंध अहम हैं।
2013 में भारत ने म्यांमार को आर्टिलरी गन, राडार और नाइट विजन डिवाइस देने की पेशकश की थी। इसके बाद से भारत ने चीन की चुनौती का जवाब देने के लिए अपना फोकस नौसेना सहयोग पर कर लिया। भारत और म्यांमार बंगाल की खाड़ी में गश्त बढ़ाने की तैयारी में हैं। दोनों देशों की नौसेनाएं वहां मिलकर काम करेंगी।