म्यांमार से बांग्लादेश होकर त्रिपुरा पहुंचने वाले चार रोहिंग्या शरणार्थियों की गिरफ्तारी के बाद राज्य में बांग्लादेश से लगी सीमा पर अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दूसरी ओर, त्रिपुरा और मेघालय की राजधानी शिलांग में अल्पसंख्यक संगठनों ने रोहिंग्या मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों के विरोध में जुलूस निकाला गया और देश में रहने वाले 40 हजार शरणार्थियों को वापस म्यांमार नहीं भेजने की केंद्र से मांग की गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उक्त रोहिंग्या परिवार म्यांमार से बांग्लादेश गया था और वहां से सीमा पार कर पश्चिमी त्रिपुरा के खोवाई इलाके में आया था। वह एक कार से अगरतला आ रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस की एक कार से टक्कर के बाद उनसे पूछताछ में उनके रोहिंग्या होने का खुलासा हुआ।
अब सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि राज्य में पहले भी कई ऐसे शरणार्थी आ चुके हैं। चारों लोगों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बांग्लादेश से लगी सीमा पर सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके अलावा असम राइफल्स के जवानों से भी सीमावर्ती इलाकों में गश्त तेज करने को कहा गया है।
मिजोरम से लगी राज्य की सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। इस बीच, असम राइफल्स ने भी अपने स्तर पर हालात की समीक्षा करने के बाद भारत-म्यांमार सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।