पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता रहे अरुण जेटली को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों का विरोध न करने की धमकी दी थी। अब इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल घिरते नजर आ रहे हैं, क्योंकि कृषि कानूनों का विरोध अगस्त, 2020 में शुरू हुआ था और जेटली का निधन 2019 में ही हो चुका था। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
जेटली और उनके परिवार से तत्काल माफी मांगें राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद के बयान के बाद प्रधान ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राहुल ने सभी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। संवेदना जैसी बातों से कांग्रेसियों का कोई संबंध नहीं और राहुल की भाषा किसी मर्यादित व्यक्ति से कोसों दूर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल को जेटली, उनके परिवार और समर्थकों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
जेटली के बेटे ने भी कहा- धमकाना उनके पिता का स्वभाव नहीं
इससे पहले राहुल गांधी के आरोपों पर अब अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी प्रतिक्रिया दी। रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'राहुल गांधी का दावा है कि कृषि कानूनों को लेकर मेरे पिता ने उन्हें धमकाया, लेकिन कृषि कानून 2020 में लाए गए और 2019 में ही मेरे पिता का देहांत हो गया था।'
'वे आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे'
रोहन जेटली ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे। अगर कभी ऐसी स्थिति आती भी, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते थे। वह बस ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी की सराहना करूंगा कि अगर वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, वह भी बेहद ही घटिया था।'
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राहुल गांधी ने किया था ये दावा
गौरतलब है कि वार्षिक कानूनी सम्मेलन-2025 में बोलते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 'मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली जी को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था, 'अगर आप सरकार का विरोध करते रहे, कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहे, हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी'। मैंने उनकी तरफ देखा और कहा 'मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हो।