पेटा का कैंपेन मुर्गों की लड़ाई के खिलाफ है।
- फोटो : PETA india
पेटा (पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) के एड कैंपेन के तहत भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने अपने फैंस से कहा है कि वे मुर्गों की लड़ाई (कॉक फाइटिंग) को बढ़ावा न दें। आपको बता दें कि मुर्गों की लड़ाई एक ऐसा खेल है जिसमें एक रिंग के भीतर दो मुर्गों को लड़ाया जाता है। अमूमन इसका नतीजा एक मुर्गे की मौत से तय होता है।
डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं बोपन्ना
बोपन्ना अपने फैंस को 'टेनिस एक खेल है, मुर्गों की लड़ाई नहीं' का संदेश दे रहे हैं।
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रियो ओलंपिक में भारत की ओर से पुरुषों के डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार रोहन बोपन्ना पेटा के इस नए कैंपेन में दिखाई दे रहे हैं। पिजडे़ के अंदर बैठे रोहन बोपन्ना अपने हाथों में तख्ती थामे हुए हैं इस पर 'टेनिस एक खेल है, मुर्गों की लड़ाई नहीं' लिखा हुआ है।
रियो में बोपन्ना से देश को बड़ी उम्मीदें हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पेटा के पक्ष में फैसला दिया था।
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दिसंबर 2014 में इस कैंपेन के लिए जाने माने फोटोग्राफर सैम मोहन ने विजुअल शूट किए। गौरतलब है कि इसी साल सुप्रीम कोर्ट ने कथित रूप से खेलों के नाम पर जानवरों और जीवों के उपयोग को लेकर पेटा के पक्ष में फैसला दिया था।
पेटा जानवरों और जीवों के लिए काम करती है।
रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे बोपन्ना
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टेनिस के डबल्स वर्ग की रैंकिंग में रोहन बोपन्ना 11वें स्थान पर हैं। 2013 में बोपन्ना ने डबल्स वर्ग में तीसरी रैंकिंग हासिल की थी।