फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका का विरोध किया

Tue, 24 Sep 2019 09:55 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका का विरोध किया है जिसमें धनशोधन मामले में उनकी अग्रिम जमानत को चुनौती दी गई है।

विज्ञापन


कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद, वाड्रा ने अपने जवाब में कहा कि इस तरह का कोई उदाहरण नहीं है जब उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया हो और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का भी कोई अंदेशा नहीं है, क्योंकि ईडी उनके पास से मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों को पहले ही जब्त कर चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि ईडी बेमतलब की जांच कर रही है और उसके पास उनके खिलाफ आरोपों के समर्थन में कुछ भी सामग्री नहीं है। मामले पर सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है। ईडी ने उच्च न्यायालय से वाड्रा की अग्रिम जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया था और कहा था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में लेना जरूरी है।
विज्ञापन


विदेश छोड़कर भागने के आरोप पर वाड्रा ने अपने जवाब में कहा ‘प्रतिवादी (वाड्रा) मीडिया में यह खबरें पढ़कर खुद विदेश से भारत लौटे कि ईडी उनकी जांच कर रही है। इससे स्पष्ट है कि वाड्रा की देश छोड़ने की कोई मंशा नहीं है और वह भारत में रह कर खुद को पाक-साफ साबित करना चाहते हैं।’ जवाब में यह भी कहा गया है कि वाड्रा को अभी तक जांच एजेंसी से कोई समन नहीं मिला है, फिर भी वह खुद से ईडी के सामने पेश हुए।

इसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी ने कोई ऐसा स्पष्ट आरोप नहीं लगाया है जिससे यह लगता हो कि वाड्रा ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की है या उन्हें इसमें सफलता मिली है। जवाब में दावा किया गया है, वाड्रा की भारत के बाहर कोई संपत्ति नहीं है और न ही उनके पास भारत के बाहर की भी संपत्ति का लाभदायक मालिकाना हक है।

इसमें कहा गया है कि वाड्रा ने किसी भी ‘सौदे’ में किसी से कोई ‘रिश्वत’ नहीं ली है और इस प्रकृति का कोई भी आरोप सफेद झूठ है। इसमें दावा किया गया है कि एजेंसी का मकसद वाड्रा के खिलाफ अदालत और जनता के दिमाग में पूर्वाग्रह भरना है। वाड्रा लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में करीब 17 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने में धनशोधन के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

इस मामले की जांच धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत की जा रही है। निचली अदालत ने वाड्रा को अग्रिम जमानत देते हुए निर्देश दिया था कि वह बिना इजाजत के देश से बाहर नहीं जाएंगे और जब भी जांच अधिकारी उन्हें बुलाएंगे, वह जांच में शामिल होंगे। ईडी ने अदालत से कहा था कि उसे वाड्रा को हिरासत में लेने की जरूरत है क्योंकि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और निचली अदालत ने अपने आदेश में अपराध की गंभीरता को लेकर चर्चा नहीं की।

याचिका में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है और कहा गया है कि विशेष न्यायाधीश कानून की स्थापित व्यवस्था पर विचार नहीं कर पाए कि जमानत नियमित तरीके से नहीं दी जानी चाहिए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें