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रॉबर्ट वाड्रा की दिल्ली हाईकोर्ट से अपील, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए

Wed, 20 Mar 2019 05:12 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अपील किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया जाए। इससे पहले मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल किया था। ईडी ने अपने जवाब में कहा था कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत दी जाए क्योंकि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

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गौरतलब है कि लंदन में हथियारों के सौदागर से कथित तौर पर 19 लाख पाउंड की अवैध संपत्ति खरीदने के मामले में रॉबर्ट वाड्रा की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि आगे बढ़ा दी गई है। अदालत ने मंगलवार को मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की है। इस सुनवाई तक वाड्रा को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। 

इससे पहले पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार के सामने ईडी ने वाड्रा की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल कर उसे खारिज करने की मांग की थी। ईडी के वकील ने कहा था कि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अदालत ने ईडी से पूछा कि क्या अभी वाड्रा से आगे पूछताछ की जरूरत है। इस पर ईडी के विशेष अधिवक्ता डीपी सिंह ने कहा था कि वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। इसलिए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी जाए। इस पर अदालत ने एक बार फिर वाड्रा को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

क्या है पूरा मामला

ईडी का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा के पास लंदन के पॉश इलाके 12, ब्रायंस्टन स्क्वॉयर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति है। इसकी खरीद के लिए धन की व्यवस्था वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा ने की थी। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि इस संपत्ति को हथियारों के फरार सौदागर संजीव भंडारी की कंपनी के जरिये दिसंबर 2009 में खरीदा गया था। इस संपत्ति के लिए भुगतान भंडारी की दुबई स्थित कंपनी ने किया था। इसके बाद यह कंपनी वाड्रा की स्काइलाइट इन्वेस्टमेंट ने खरीद ली। जून 2010 में कपंनी के खाते से यह संपत्ति खरीदने के लिए भुगतान किया गया था, जिसकी सारी व्यवस्था रॉबर्ट वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा ने की थी।

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