कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट से अपील किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया जाए। इससे पहले मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल किया था। ईडी ने अपने जवाब में कहा था कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत दी जाए क्योंकि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
ईडी का कहना है कि रॉबर्ट वाड्रा के पास लंदन के पॉश इलाके 12, ब्रायंस्टन स्क्वॉयर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति है। इसकी खरीद के लिए धन की व्यवस्था वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा ने की थी। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि इस संपत्ति को हथियारों के फरार सौदागर संजीव भंडारी की कंपनी के जरिये दिसंबर 2009 में खरीदा गया था। इस संपत्ति के लिए भुगतान भंडारी की दुबई स्थित कंपनी ने किया था। इसके बाद यह कंपनी वाड्रा की स्काइलाइट इन्वेस्टमेंट ने खरीद ली। जून 2010 में कपंनी के खाते से यह संपत्ति खरीदने के लिए भुगतान किया गया था, जिसकी सारी व्यवस्था रॉबर्ट वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा ने की थी।