यूपी का संग्राम जीतने के साथ ही जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार की राह आसान हो गई है। पार्टी अब अपने राजग सहयोगियों के सहारे ही प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी के रूप में पसंद के व्यक्ति को राष्ट्रपति पद पर काबिज करा लेगी।
भाजपा सूत्रों की मानें तो यूपी चुनाव परिणाम से पहले राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए जरूरी मतों में से सहयोगियों को लेकर उसके मतों की संख्या 42 प्रतिशत के करीब थी। अब यूपी और उत्तराखंड की जीत से उसका अपने मतों का आंकड़ा बढ़ जाएगा है। पार्टी को उम्मीद है कि कुछ छोटे दलों के समर्थन से ही राष्ट्रपति चुनाव में उसके उम्मीदवार का बेड़ा पार लग जाएगा। विपक्षी दलों पर कवायद की जरूरत नहीं पडे़गी।
इसके साथ ही भाजपा को राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने का मौका भी मिल गया है। उत्तरप्रदेश की 31 राज्यसभा सीटों में से भाजपा के 3 सांसद हैं। भविष्य में होने वाले राज्य सभा चुनावों में यूपी से भाजपा के सांसदों का राज्यसभा में एक ओर दबदबा बढ़ेगा। तो दूसरी ओर सपा, बसपा के साथ कांग्रेस का दखल भी कम होगा। वर्तमान में राज्यसभा में भाजपा की अपनी सीटें 56 हैं जबकि देश की राजनीति में लगातार धराशायी हो रही कांग्रेस पार्टी की संख्या 59 है। राज्यसभा केलिए यूपी का चुनाव अप्रैल 2018 में होना है।