देश में अनजाने में लगने वाली चोट से होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह सड़क दुर्घटनाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क हादसे चोट लगने के कारण होने वाली कुल मौतों में से 43 फीसदी से अधिक के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा सड़क हादसे तेज गति से वाहन चलाने के कारण होते हैं। अनजाने में लगने वाली चोटों से आशय ऐसी घटनाओं से है, जो जानबूझकर या इरादतन नहीं की जाती। इसमें सड़क दुर्घटनाओं के अलावा डूबना, गिरना और जलना और विषाक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
अनजाने में लगने वाली चोट की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय रणनीति शीर्षक वाली रिपोर्ट को चोट की रोकथाम और सुरक्षा संवर्धन पर 15वें विश्व सम्मेलन सेफ्टी-2024 के दौरान लॉन्च किया गया। इसमें कहा गया है कि देश में 2022 में अनजाने में लगी चोटों से 4,30,504 मौतें और जानबूझकर लगी चोटों के कारण 1,70,924 मौतें हुईं। सड़क यातायात दुर्घटनाएं (आरटीसी) 43.7 फीसदी के साथ अनजाने में लगी चोटों का सबसे बड़ा कारण हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि डूबने से ऐसी मौतों का फीसदी 7.3 से 9.1 है, जबकि गिरने से 4.2 से 5.5 फीसदी, विषाक्त खाद्य पदार्थ से 5.6 फीसदी और जलने से 6.8 फीसदी मौतें हुईं।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वाधिक हादसे
सड़क यातायात दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आरटीआई से होने वाली मौतों का प्रतिशत 67.8 है, वहीं शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 32.2 फीसदी है।
डाटा से यह भी पता चलता है कि खुले और आवासीय क्षेत्र खतरनाक हो सकते हैं। यहां अन्य स्थानों की तुलना में संभावित रूप से मृत्यु दर अधिक होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग, जिनकी देश में कुल सड़क लंबाई में हिस्सेदारी केवल 2.1 फीसदी है, में सर्वाधिक हादसे हुए। 2022 में इन पर हर 100 किमी पर 45 लोगों ने जान गंवाई।
गलत दिशा में वाहन चलाना भी वजह
रिपोर्ट में कहा गया है, इन मौतों की मुख्य वजह तेज गति से गाड़ी चलाना है, जो 75.2 फीसदी मौतों के लिए जिम्मेदार है। अन्य प्रमुख कारकों में गलत दिशा में वाहन चलाना (5.8 फीसदी) और शराब पीकर गाड़ी चलाना (2.5 प्रतिशत) शामिल हैं।