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दीदी की नाक के नीचे खेला: TMC के 20 सांसदों के NCPI में विलय से विधायक दल बेखबर, ऋतब्रत ने दे डाली चेतावनी

Mon, 15 Jun 2026 10:07 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, कोलकाता।

सार

पश्चिम बंगाल के निष्कासित टीएमसी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि 20 बागी सांसदों का एनसीपीआई में विलय उनका निजी फैसला है और 65 विधायकों का उनका गुट इससे पूरी तरह अनजान है। उन्होंने स्पीकर को पत्र लिखकर बागी नेताओं के नाम सार्वजनिक होने पर विशेषाधिकार हनन की बात कही है। उन्होंने और क्या-क्या कहा है? जानिए...
 
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ऋतब्रत बनर्जी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'दीदी' की नाक के नीचे बड़ा राजनीतिक खेला हो गया है। पहले विधायक और अब सांसदों की बगावत से पार्टी टूटने के कगार पर है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने राष्ट्रवादी सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में सांसदों के विलय की खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के विधायक दल को इस तरह के किसी भी घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं है। ऋतब्रत ने साफ-साफ कहा कि लोकसभा के 20 सांसदों के विलय का फैसला उनका अपना है। इस विषय पर राज्य के नेताओं के बीच कोई चर्चा नहीं हुई है।
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बागी सांसदों के फैसले से विधायक दल बेखबर!
कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हमें भी टीवी के जरिए ही यह पता चला कि 20 सांसदों ने एनसीपीआई में अपना विलय कर लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से उन सांसदों का अपना फैसला है। इस मामले में हमारे बीच कोई बातचीत या विचार-विमर्श नहीं हुआ है। बनर्जी ने इस दौरान अपने गुट की ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने आंकड़ों को साफ करते हुए कहा कि फिलहाल हमारे साथ विधायकों की कुल संख्या 65 है। इस संख्या बल के साथ हमारा सामूहिक नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है और सांसदों के इस कदम से राज्य इकाई का कोई लेना-देना नहीं है।

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ऋतब्रत बनर्जी ने दी विशेषाधिकार हनन की चेतावनी
ऋतब्रत बनर्जी ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच एक बेहद कड़ा रुख भी अख्तियार किया है। उन्होंने बताया कि हमने इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने बागी नेताओं के नामों की गोपनीयता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। बनर्जी ने कहा कि अगर इन बागी नेताओं के नाम सार्वजनिक होते हैं, तो यह सीधे तौर पर विशेषाधिकार का हनन माना जाएगा। इस कदम से साफ है कि निष्कासित नेता अपने खेमे को लेकर बेहद सतर्क हैं और किसी भी तरह की जानकारी को समय से पहले बाहर नहीं आने देना चाहते।
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बीए समिति की बैठक पर टिकी निगाहें
इस सियासी रस्साकशी के बीच कल होने वाली बिजनेस एडवाइलेटरी (बीए) कमेटी की पहली बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। इस अहम बैठक को लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि जब कल बैठक होगी, तब हम स्थिति को देखेंगे। मुझे अभी पूरी तरह से यह जानकारी नहीं है कि इस बैठक में और कौन-कौन से नेता शामिल होने जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी उपस्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी। बनर्जी ने कहा कि इस बैठक में भाग लेने के लिए मैं खुद जाऊंगा और मेरे साथ हमारे चीफ व्हिप यानी मुख्य सचेतक भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक को राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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