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चेतावनी: कम उम्र में बूढ़ा हो रहा भारतीयों का दिल, मोटापा और खराब जीवनशैली बढ़ा रहे हृदय रोग का खतरा

Sun, 14 Jun 2026 04:48 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में बढ़ते मोटापे और खराब जीवनशैली के कारण लोगों के दिल समय से पहले बूढ़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

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हृदय रोग, हार्ट अटैक - फोटो : adobe stock photos
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विस्तार
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डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि भारत में बढ़ते मोटापे के कारण कई लोगों की कार्डियक एज यानी उनके हृदय की उम्र उनकी वास्तविक उम्र से कहीं अधिक जल्दी बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, इसका मतलब हृदय और रक्त वाहिकाओं का तेजी से बूढ़ा होना है, जिससे कम उम्र में ही हृदय रोग, स्ट्रोक और हृदय से जुड़ी अन्य दिक्कतों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

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दरअसल, विशेषज्ञों की यह चेतावनी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) के नतीजों के बाद सामने आई है। इसमें भारतीय वयस्कों में मोटापे में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई। सर्वे में देखा गया कि 2023-24 में 15-49 साल की उम्र की 30.7 फीसदी महिलाएं मोटापे से ग्रस्त थीं, जबकि 2019-21 के एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 24 फीसदी था। वहीं, पुरुषों में यह अनुपात 22.9 फीसदी से बढ़कर 27.3 फीसदी तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते मधुमेह और उच्च रक्तचाप के साथ यह प्रवृत्ति हृदय रोगों का बोझ और बढ़ाएगी।

जीवनशैली में सुधार व सक्रिय दिनचर्या जरूरी
दिल्ली एम्स में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ नितीश नाइक के मुताबिक, कार्डियक उम्र व्यक्ति की वास्तविक उम्र नहीं बल्कि उसके हृदय-तंत्र की सेहत को बताती है। मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और निष्क्रिय जीवनशैली वाला 35 साल का इंसान भी किसी अधिक उम्र वाले व्यक्ति जितना हृदय जोखिम झेल सकता है। उन्होंने कहा कि कई भारतीय इस बात से अनजान हैं कि दिल और रक्त वाहिकाओं को नुकसान अक्सर लक्षण दिखने से कई साल पहले ही शुरू हो जाता है। ऐसे में जीवनशैली में सुधार व सक्रिय दिनचर्या बेहद जरूरी है।
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धूम्रपान छोड़, वक्त पर इलाज से हृदय को रखा जा सकता है जवां
इस सबके बीच अच्छी खबर यह है कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और शर्करा युक्त पेयों से दूरी, 7–8 घंटे की नींद, वजन नियंत्रण, धूम्रपान छोड़ना और वक्त पर इलाज अपनाकर हृदय को जवां रखा जा सकता है। वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ एचएस इस्सर ने कहा कि पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी सूजन, खराब कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और उच्च रक्तचाप को बढ़ाती है, जिससे हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।

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