ऋषभ बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस किया गया है। मामला 13,000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक ऋषभ कार्टेल का सरगना है। आरोप है कि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और गोवा के रेव पार्टियों में ड्रग्स बेचे जाते थे।
इंटरपोल ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू के फरार बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार ऋषभ कार्टेल के लॉजिस्टिक्स और ड्रग्स की हेराफेरी में अहम भूमिका निभा रहा था।
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यह ड्रग नेटवर्क 13,000 करोड़ रुपये के कोकीन कारोबार से जुड़ा था, जिसकी जड़ें दक्षिण अमेरिका से लेकर भारत, पाकिस्तान, दुबई, थाईलैंड, मलयेशिया और ब्रिटेन तक फैली थीं। जांच में पता चला कि नशीले पदार्थ कार्डबोर्ड बॉक्सों में कपड़े या नमकीन के साथ छिपाकर भेजे जाते थे। गूगल मैप के जरिए पिकअप और ड्रॉप लोकेशन तय की जाती थीं और ये ड्रग्स दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, पंजाब और गोवा के रेव पार्टियों व संगीत कार्यक्रमों में बेचे जाते थे।
स्पेशल सेल ने एक अक्तूबर 2024 में इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जब ऋषभ ने अपने साथी जतिंदर सिंह उर्फ जस्सी को टोयोटा फॉर्च्यूनर सौंप दी थी। कुछ दिन बाद पंजाब के अजनाला इलाके के नेपाल गांव में इस गाड़ी को पकड़ा गया, जिसमें से करीब एक किलो कोकीन/मेफेड्रोन बरामद हुई। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को दिल्ली के पंचशील एन्क्लेव स्थित एक होटल में भी देखा गया था। फिलहाल ऋषभ मध्य पूर्व में छिपा बताया जा रहा है।
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अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने कई देशों को लेटर रोगेटरी भेजे हैं और अब अदालत में ट्रायल इन ऐब्सेंशिया (गैरहाजिरी में मुकदमा) शुरू करने की तैयारी है। नया कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ऐसी स्थिति में अनुपस्थित आरोपी के खिलाफ मुकदमे की अनुमति देता है। बता दें कि रेड कॉर्नर नोटिस गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, लेकिन इससे ऋषभ की यात्रा, संपत्ति और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर सख्ती बढ़ जाएगी।