पश्चिम बंगाल की नई सरकार कई फैसले ले रही है। इसी बीच राज्य सरकार ने कोलकाता पुलिस के दंगा नियंत्रण और कानून व्यवस्था उपकरणों के व्यापक नवीनीकरण की शुरुआत की है। इसके तहत दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के उपयोग किए जाने वाले मानकों के अनुसार उपकरण खरीदने की योजना है। इसी जानकारी शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है।
'बंगाल के पास अच्छा उपकरण होने चाहिए'
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने कहा, 'दंगों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के पास सबसे अच्छा उपकरण होने चाहिए। उन्होंने आगे कहा 'कोलकाता पुलिस को दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जैसे इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणोंउपलब्ध कराए जाने चाहिए।'
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पांच सदस्यीय समिति का गठन
इस निर्देश के बाद, 27 मई को कोलकाता पुलिस आयुक्त के नाम से एक आदेश जारी किया गया, जिसमें बल के मौजूदा उपकरणों की समीक्षा करने की सिफारिश करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। संयुक्त आयुक्त (आधुनिकीकरण) नीलांजन बिस्वास की अध्यक्षता वाली समिति में कोलकाता सशस्त्र पुलिस की छठी बटालियन के उपायुक्त देबाशीष दास और तीन अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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