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Dhankar: 'न्यायपालिका तक पहुंच के अधिकार का हो रहा गलत इस्तेमाल', उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जताई चिंता

Fri, 07 Feb 2025 06:49 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि न्यायपालिका तक पहुंच के अधिकार को एक हथियार के तौर इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसा किसी अन्य देश में नहीं हो रहा है। देश को चुनौती देने और राष्ट्रवाद तथा क्षेत्रवाद के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों काे कड़ा जवाब देने की जरूरत है।
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उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को न्यायपालिका के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में न्यायपालिका तक पहुंच के अधिकार को एक हथियार के तौर इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसा किसी अन्य देश में नहीं हो रहा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने को लेकर भी राय रखी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के सबसे पुराने, सबसे मजबूत, सबसे प्रगतिशील और सबसे जीवंत लोकतंत्र वाले देश की चुनावी प्रक्रिया को गलत तरीके से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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कर्नाटक के हावेरी जिले के रानेबेन्नूर में आयोजित कर्नाटक वैभव साहित्य और सांस्कृतिक महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में धनखड़ ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं। उन्होंने नए रास्ते अपनाए हैं और कई मुद्दों पर आप देखेंगे कि वे न्यायपालिका की ओर रुख कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं चिंतित हूं क्योंकि हमारे संविधान ने प्रत्येक व्यक्ति को न्यायिक प्रणाली के भीतर अधिकार दिया है। वह हर किसी को न्यायालय की शरण लेने का अधिकार है। लेकिन हाल के वर्षों में राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए धन का इस्तेमाल किया गया है और न्यायपालिका तक पहुंच को हथियार बनाया गया है। ऐसा किसी अन्य देश में नहीं हो रहा है। देश को चुनौती देने और राष्ट्रवाद तथा क्षेत्रवाद के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों काे कड़ा जवाब देने की जरूरत है। वे हमारी सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करना चाहते हैं।
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हम उसी डाल को काटने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर बैठे हैं : धनखड़
धनखड़ ने देश के सांस्कृतिक दर्शन को बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, आज जब मैं एक तरफ देखता हूं, तो दुनिया और देश के लोगों की नजर से भारत की प्रगति देखता हूं। यह बारिश में नाचते मोर के पंखों जैसा है, लेकिन जब मैं मोर के पैरों की ओर देखता हूं, तो चिंतित हो जाता हूं। हम उसी डाल को काटने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर बैठे हैं। उन्होंने कहा, आईएमएफ, विश्व बैंक जैसे विश्व के प्रमुख संस्थान कहते हैं कि यदि दुनिया में निवेश, अवसर और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए कोई चमकता सितारा है, तो वह भारत है। भारत को निवेश और अवसरों के लिए वैश्विक पसंदीदा स्थल माना जाता है।

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