निर्भया योजना के तहत 619 करोड़ की बंगलूरू सेफ सिटी प्रोजेक्ट को लेकर दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में ठन गई है। प्रोजेक्ट में ‘अवैध दखल’ को लेकर एक दिन पहले कर्नाटक सरकार ने पुलिस आयुक्त कमल पंत को जांच करने का आदेश दिया है।
बंगलूरू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हेमंत निंबालकर ने शनिवार को कहा, किसी ने खुद को गृहसचिव बताकर गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की थी। उन्होंने इसे अवैध हस्तक्षेप के समान माना था। इसके जवाब में गृहसचिव व आईजी रैंक की आईपीएस अधिकारी डी रूपा ने कहा, प्रोजेक्ट की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिली थीं।
बतौर गृहसचिव मैं शिकायत करती हूं कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा खुद को गृहसचिव के रूप में पेश करने वाली बात झूठी और दुर्भावना से प्रेरित है।
रूपा ने कहा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने पीएमओ से शिकायत की थी कि निविदा में एक खास सेवा प्रदाता का पक्ष लिया गया है। मैंने मामले में पोल खोली और मुख्य सचिव के संज्ञान में यह बात लाई।
इसके बाद मुख्य सचिव ने मुझे प्रोजेक्ट की अगली बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया। इससे पहले, निंबालकर ने मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर को पत्र लिखकर उनसे इस मामले की जांच कराने का अनुरोध किया था।