कठोरतम दंड मिलना चाहिए: सौगत रॉय
तृणमूल सांसद ने 'पीटीआई' से बातचीत में कहा कि इस फैसले से एक स्पष्ट संदेश जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह फैसला संजय रॉय को कठोरतम सजा के साथ होना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'यह (कठोरतम सजा) न केवल उन लोगों के लिए चेतावनी होगी जो यह सोचते हैं कि वे कानून के बिना कुछ भी कर सकते हैं। यह सिस्टम में लोगों का भरोसा भी बहाल करेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे अपराधों में कठोरतम दंड मिले।'
दोषी को मिले फांसी की सजा: शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, फैसला अभी नहीं आया है। उस पर आरोप तय हो गए हैं। सोमवार को उसकी सजा का एलान होगा। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। ये तो सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट को देखना है कि मामले में कौन-कौन शामिल हैं। डॉक्टरों और पीडिता के परिवार ने डीएनए रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर भी कई सवाल उठाए, भविष्य में ये सब स्पष्ट होना चाहिए। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई सच सामने लाएंगे।
पीड़िता के वकील ने क्या कहा
पीड़िता के वकील राजदीप हलदार ने कहा, मेरे सहित तीन वकीलों ने निर्भया का प्रतिनिधित्व किया। मौखिक दलील देते समय हमने कुछ बिंदुओं को उठाया था और कोर्ट के फैसले में इनमें से 3-4 बिंदुओं का जिक्र किया गया। संजय रॉय ने कोर्ट में जो कुछ भी कहा, उसके वकील ने कुछ भी साबित नहीं किया। यह सिर्फ बचाव की एक रणनीति थी। हमें आरोपपत्र मिलेगा। अगर निर्भया का परिवार और हम (वकील) इससे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो हम आगे की जांच के लिए याचिका दायर करेंगे।
अभी मामले पर टिप्पणी करना उचित नहीं: कुणाल घोष
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है। सजा का एलान होना अभी बाकी है। अभी इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। लेकिन इससे यह साबित हो गया है कि कोलकाता पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर जो गिरफ्तारी की, वह बिल्कुल सही थी।
मामले के अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे: जूनियर डॉक्टर
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो ने कहा, हम पहले दिन से कह रहे हैं कि यह आदमी एक नागरिक स्वयंसेवक है और उसने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश कैसे किया और इस तरह का अपराध कैसे किया। सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई और उन्हें नष्ट किया गया। संजय रॉय को बचाने के लिए यह किसने किया था? इस मामले और भी अपराधी हैं जो खुलेआम खुलेआम घूम रहे हैं। कृपया सभी की गिरफ्तारी करें और उन्हें सजा दें। हमारी लड़ाई जारी रहेगी, क्योंकि इस अपराध में एक से अधिक लोग शामिल हैं। न्याय अभी तक नहीं मिला है। यह सिर्फ पहला कदम है।
संजय रॉय के पीछे कौन ताकतें हैं: बृंदा करात
माकपा नेता बृंदा करात ने कहा, हर कोई जानता है कि संजय रॉय दोषी है, लेकिन उसके पीछे कौन ताकते हैं? यह एक भ्रष्ट गठजोड़ के कारण हुआ है। सरकार, (आरजी कर के) प्रिंसिपल और पूरा प्रशासन दोषी है, जिनकी वजह से ऐसी घटना हुई।
डॉक्टरों ने कोर्ट के बाहर निकाली विरोध रैली
इस बीच कोलकाता के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टरों ने आज एक विरोध रैली निकाली, जिसमें उन्होंने कोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया और मांग की कि सीबीआई उन सभी लोगों को न्याय के कटघरे में लाए जो इस अपराध में शामिल थे। रैली में अस्पतालों के जूनियर और सीनियर डॉक्टर शामिल थे। इसमें आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल हुए। विरोध रैली सियालदह कोर्ट के बाहर रैली निकाली गई। डॉक्टरों ने कहा कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक अपराध की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती।
दोपहर ढाई बजे सुनाया गया फैसला
सियालदह सिविल और क्रिमिनल कोर्ट ने आज महिला प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में फैसला सुनाया। फैसला दोपहर के 2:30 बजे कोर्टरूम 210 में सुनाया गया। आरोपी संजय रॉय ने अदालत में दावा किया कि उसे फंसाया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि उसे सोमवार को अदालत में बोलने का मौका दिया जाएगा। अदालत सोमवार को सजा सुनाएगी। संजय रॉय को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64, 66 और 103(1) के तहत दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया गया।