आरजी कर मामले की पीड़िता के पिता शेखर देबनाथ ने न्याय की लड़ाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब मामले में न्याय के लिए दोनों तरफ (पीड़ित पक्ष और सरकार) से कोशिशें हो रही हैं। शेखर देबनाथ के मुताबिक, पहले यह प्रयास सिर्फ एक तरफ से हो रहा था, लेकिन अब दोनों पक्षों की ओर से इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार उन्हें पूरी मदद दे रही है, जबकि CBI ने भी जांच के लिए नई टीम गठित की है।
क्या CBI ने बदली पुरानी जांच टीम?
शेखर देबनाथ ने बताया कि CBI ने मामले की जांच के लिए एक नई टीम बनाई है। उनके मुताबिक, पुरानी टीम को बदल दिया गया है और नई टीम मामले से जुड़ी तमाम जानकारियां जुटाने में लगी है। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर उनका दबाव लगातार जारी है।
ममता बनर्जी सरकार पर शेखर देबनाथ ने क्या आरोप लगाया?
शेखर देबनाथ ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की, क्योंकि वे सीधे तौर पर अपराध में शामिल थे। उनके इस बयान से आरजी कर मामले को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
'अभया मेमोरियल ट्रस्ट' का उद्घाटन कौन करेगा?
शेखर देबनाथ ने बताया कि उनके द्वारा बनाए गए 'अभया मेमोरियल ट्रस्ट' का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हमारे बनाए 'अभया मेमोरियल ट्रस्ट' का उद्घाटन करने आ रहे हैं। वे इसका उद्घाटन करेंगे और आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताएंगे।'
ट्रस्ट के जरिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
पीड़िता के पिता के मुताबिक, 'अभया मेमोरियल ट्रस्ट' के उद्घाटन के दौरान आगे की रणनीति और उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि न्याय के लिए दबाव बनाए रखने की कोशिश आगे भी जारी रहेगी।
CBI की नई टीम से क्यों बढ़ी उम्मीद?
मामले की जांच के लिए नई टीम के गठन को शेखर देबनाथ ने महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि नई टीम मामले से जुड़ी सभी जानकारियां इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में परिवार को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ेगी और जल्द न्याय मिल सकेगा।
क्या है पूरा मामला?
आरजी कर मामले को लेकर लंबे समय से न्याय की मांग उठती रही है। पीड़िता के परिवार की ओर से भी लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाती रही है। अब शेखर देबनाथ के ताजा बयान में CBI की नई टीम, राज्य सरकार से मिल रही मदद और 'अभया मेमोरियल ट्रस्ट' के जरिए आगे की लड़ाई जारी रखने की बात सामने आई है।
पीड़िता की मां ने ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
मामले को लेकर पीड़िता की मां और BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने कहा कि वह राष्ट्रपति से अपनी बेटी का नाम सार्वजनिक करने और उसकी तस्वीरें जारी करने की अनुमति मांगेंगी, क्योंकि उनकी बेटी की कोई गलती नहीं थी। उन्होंने बताया कि MBBS की डिग्री हासिल करने के बावजूद उनकी बेटी अपने नाम के आगे ‘Dr’ नहीं लगाती थी और कहती थी कि कई डिग्रियां हासिल करने के बाद ही इसका इस्तेमाल करेगी। पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की 100 प्रतिशत उम्मीद है, लेकिन वह अपनी बेटी को कभी वापस नहीं पा सकेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्मल घोष, संजीब मुखर्जी और सोमनाथ डे ने आखिरी सबूत को नष्ट किया, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वास्थ्य और पुलिस विभागों की भी जिम्मेदारी संभाल रही थीं और उन्होंने ही कथित तौर पर पूरी घटना को अंजाम देने की साजिश रची थी।
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'ममता बनर्जी ने आरोपी को किया था गिरफ्तार'
कोलकाता में आरजी कर मामले को लेकर TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा कि ‘अभया’ की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी और पार्टी ने इसकी कड़ी निंदा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्ग इस मामले पर केवल राजनीति कर रहा है। कुणाल घोष के मुताबिक, ममता बनर्जी की पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद मामला अदालत में जाने पर जांच CBI को सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि CBI जांच के दौरान ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तीनों स्तरों की न्यायपालिका मामले की निगरानी कर रही थीं। घोष ने बंगाल में पिछले दो महीनों में हुई अन्य कथित दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उनके लिए एक भी कैंडल मार्च क्यों नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि स्थिति बेहद चिंताजनक है, लेकिन कुछ लोग केवल इसी मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ लेने के लिए कर रहे हैं।