मुंबई के भायखला महिला जेल में कैदी मंजुला शेट्ये की मौत का मामला गरमा गया है। महिला आयोग के बाद अब इस मामले में देश की महिला सांसदों ने भी दखल दिया है। बृहस्पतिवार को करीब 30 महिला सांसदों का ग्रुप भायखला महिला जेल पहुंचा और कैदियों से मुलाकात कर उन पर होने वाले अन्याय की जानकारी ली।
असम की सांसद बिजॉय चक्रवर्ती के नेतृत्व में 30 महिला सांसदों का दल सुबह करीब साढ़े दस बजे भायखला महिला जेल पहुंचा और लगभग साढ़े बारह बजे तक जेल के अंदर की गतिविधियों का जायजा लिया। महिला सांसदों में महाराष्ट्र की सांसद सुप्रिया सुले, रक्षा खडसे और वंदना चव्हाण भी शामिल थीं। महिला सांसद जेल में बंद शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी से भी मिलीं। उन्होंने कैदियों के अलावा जेल अधिकारियों से भी पूछताछ की। समझा जा रहा है कि मंजुला शेट्ये नामक कैदी की मौत और उसके बाद जेल में हुए महिला कैदियों के हंगामे और उसके बाद उन पर हुए जुल्म के मद्देनजर महिला सांसदों ने जेल का दौरा किया है।
आरोप है कि जेल की छह पुलिस अधिकारियों ने मंजुला शेट्ये की निर्दयता से पिटाई की थी जिसके चलते 24 जून को उसकी मौत हो गई। इसके बाद जेल की महिला कैदियों ने हंगामा कर दिया था।महिला कैदियों के हंगामे के लिए पुलिस ने शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी पर जेल में दंगा भड़काने का आरोप लगाया है। इस मामले में इंद्राणी सहित कई महिला कैदियों के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ है।
जेल अधिकारियों ने इंद्राणी की भी पिटाई की थी। इसके बाद इंद्राणी ने अदालत में गुहार लगाई थी और कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इंद्राणी को मेडिकल जांच कराने और संबंधित जेल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा था। उसके बाद जेलर मनीषा पोखरकर सहित महिला कांस्टेबल बिंदू नाईक, वसीमा शेख, शीतल शेगांवकर, सुरेखा गुलवे और आरती शिंगणे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, जेलर सहित सभी छह आरोपी जेल में हैं।