SC: उच्च शिक्षण संस्थानों में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा टास्क फोर्स की दूसरी बैठक हुई। इसमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा और तीन कार्य समूहों के गठन पर चर्चा हुई।
उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती आत्महत्या रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित राष्ट्रीय टॉस्क फोर्स की दूसरी बैठक सेवानिवृत जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। टॉस्क फोर्स ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए मौजूदा कानूनों और विनियमों की दोबारा जांच करने का फैसला लिया है। इसके अलावा टॉस्क फोर्स ने तीन कार्य समूह बनाने का भी फैसला लिया है। इसमें प्रत्येक अलग-अलग कार्यों की देखरेख करेगा।
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दिल्ली में आयोजित बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, सामाजिक न्याय व अधिकारिता सचिव अमित यादव, महिला व बाल विकास सचिव अनिल मलिक समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 29 मार्च को आयोजित वर्चुअल बैठक की रिपोर्ट भी पेश हुई। इसमें डेटा संग्रह के लिए पोर्टल या वेबसाइट बनाने, इससे जुड़े मामलों की रिपोर्ट तैयार करना, गाइडलाइन आदि तैयार करना शामिल है।
इन बिंदुओं पर होगा काम : आत्महत्या के प्रमुख कारणों की पहचान करना, जैसे शैक्षणिक दबाव, भेदभाव, वित्तीय बोझ और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा कलंक मौजूदा छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य नियमों/नीतियों की प्रभावशीलता का विश्लेषण करना। संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और सहायक शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए सुधारों का प्रस्ताव करना।