जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में सफेद रंग की एक कैब नजर आती है, जो सीएसटी स्टेशन पर रुकती है। इस कार में से मनसुख हिरेन बाहर निकलते हैं। इसके बाद दूसरे सीसीटीवी फुटेज में नीले रंग की ऑडी कार दिखाई दे रही है, जिसका इस्तेमाल सचिन वाजे कर रहे थे। यह ऑडी कार एक ट्रैफिक सिग्नल पर रुकती है और मनसुख हिरेन उसमें सवार हो जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस का दावा है कि चार मार्च को वाजे ने फोन करके मनसुख हिरेन को ठाणे बुलाया। वहां तीन-चार लोग मौजूद थे। उन्होंने हिरेन को बेहोश करने के लिए पहले क्लोरोफॉर्म का इस्तेमाल किया और उसकी हत्या कर दी। वहीं, मनसुख हिरेन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके चेहरे पर हत्या से पहले चोट लगी थी। एटीसी का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के बाद वाजे दफ्तर लौटे और जांच को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसे में पुलिस को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।