Israel Hezbollah Ceasefire: एक साल से अधिक समय से जारी संघर्ष को उत्तरी मोर्चे पर समाप्त करने के लिए इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत जहां इस्राइली सेना को दक्षिणी लेबनान से हटना होगा, तो वहीं हिजबुल्ला लितानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी खत्म करेगा।
बीते 14 महीने से हमास और उसके समर्थक गुटों के साथ चल रहे युद्ध के बाद लेबनान में अस्थाई युद्धविराम समझौते पर भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लेबनान में इस्राइल ने हिजबुल्ला के हमलों को नाकाम करने के लिए कदम उठाए। इस्राइल ने पूरे हिजबुल्ला नेतृत्व को हटाकर उनकी मिसाइलों और ड्रोन जैसे सैन्य साधनों को नष्ट कर दिया है। अपने प्रयासों की बदौलत इस्राइली ने हजारों हिजबुल्ला आतंकवादियों को मार गिराया गया है। आखिरकार, हिजबुल्ला ने युद्धविराम पर सहमति जताई है, जो यह दर्शाता है कि इस्राइल वास्तव में हिजबुल्ला पर जीत हासिल करने में कामयाब रहा है।
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रूवेन अजार ने आगे कहा कि ईरान ने हिजबुल्ला के इस अकारण हमले की शुरुआत की। साथ ही ईरान ने अपनी रक्षा करते हुए इस्राइल पर कई मोर्चों से हमला करने की कोशिश की। लेकिन अब यह प्रतिरक्षा नहीं है। ईरान पूरी तरह से उजागर हो चुका है, क्योंकि हमने उनकी मिसाइल रक्षा क्षमताओं को कमजोर कर दिया है।
अब बाकी बंधकों को वापस लाने के लिए बनाना होगा दबाव
अजार ने कहा कि हमने ईरान के मिसाइल और ड्रोन बनाने के कारखानों पर हमला किया। उनके परमाणु कार्यक्रम के कुछ हिस्सों पर भी प्रहार किया, इसलिए उन्होंने युद्धविराम की जल्दबाजी की, जिसे हम अभी देख रहे हैं। इसका मतलब यह है कि उन्हें भविष्य में यह फिर से सोचने की जरूरत होगी कि क्या वे इस्राइल पर फिर से हमला करना चाहते हैं। अजार ने कहा कि हमने हमास की सभी बटालियनों को नष्ट कर दिया है और गाजा पट्टी से इस्राइल के खिलाफ मिसाइल खतरे को बेअसर कर दिया है। अब हमें अपने बाकी बंधकों को वापस लाने का दबाव बनाना होगा।
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फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता में चुनौती बन रहा हमास
भारत में इस्राइली राजदूत अजार ने आगे कहा कि अभी हम जो देख रहे हैं, वह यह है कि गाजा पट्टी के अंदर इस्राइली उपस्थिति है। इसके अलावा, इस्राइल गाजा पट्टी में भी सैन्य दबाव बना रहा है, जहां हमास अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इस्राइल फलस्तीनी आबादी के लिए मानवीय सहायता भेजने का प्रयास कर रहा है, लेकिन मानवीय सहायता पहुंचाने में चुनौती यह है कि हमास उस सहायता को अपने नियंत्रण में ले लेता है। इस सहायता को मुफ्त देने के बजाय हमास लोगों से पैसे मांगता है।
गाजा पट्टी पर अपना नियंत्रण चाहता है हमास
रूवेन अजार ने आगे कहा कि हमास गाजा पट्टी पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, इसलिए इस्राइली सरकार को यह निर्णय लेना होगा कि उसे इसे कैसे नाकाम करना है। हम चाहते हैं कि फलस्तीनी जनता को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वह भोजन मिले, जिसके वे हकदार हैं। हम एक ऐसा भविष्य चाहते हैं, जिसमें गाजा में फलस्तीनी लोगों के लिए आशा हो।