असम के मंगलदै जिले में एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने कथित तौर पर नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के मसौदे में नाम नहीं होने की वजह से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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पुलिस अधीक्षक श्रीजिथ टी ने बताया कि रिटायर होने के बाद वकील के तौर पर काम कर रहे नीरोद कुमार दास ने रविवार को सुबह मार्निंग वाक से लौटने के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि एनआरसी में नाम नहीं होने के बाद विदेशी होने के तमगे से होने वाले अपमान से बचने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
दास ने अपनी आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। दास का नाम एनआरसी में नहीं होने और इस कारण उनकी आत्महत्या के विरोध में बंगाली छात्र संघ ने सोमवार को इलाके में 12 घंटे का बंद रखा था।
सूत्रों ने बताया कि नीरोद कुमार दास की पत्नी और उनके तमाम परिजनों के नाम एनआरसी मसौदे में शामिल थे लेकिन उनका नाम किसी कारण से छूट गया था। मसौदा प्रकाशित होने के बाद से ही वह अवसाद में थे।