तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी संवैधानिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम. रामासुब्रमणि ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया।
याचिका में कहा गया है कि टीवीके राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसके बावजूद राज्यपाल ने विजय को सरकार गठन का मौका नहीं दिया। याचिकाकर्ता का तर्क है कि राज्यपाल का यह कदम विधानसभा के बाहर बहुमत साबित करने की स्थिति पैदा करता है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। एम. रामासुब्रमणि ने अदालत से मांग की है कि राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक घोषित किया जाए और सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश दिया जाए।
याचिकाकर्ता ने सरकारिया आयोग की सिफारिशों के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के एसआर बोम्मई, रमेश्वर प्रसाद, जी. परमेश्वर और शिवसेना मामलों में दिए गए फैसलों का हवाला दिया है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि टीवीके नेता विजय को तय समय सीमा के भीतर तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने का अवसर देने का निर्देश जारी किया जाए। याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल विधायकों की परेड कराने की मांग नहीं कर सकते और संवैधानिक परंपरा के तहत सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।