केंद्र सरकार ने कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक के एनजीओ पर विदेश से सीधे धन लेने को लेकर रोक लगा दी है। इसके लिए सरकार ने एक दुर्लभ कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल किया है। सरकार ने आरबीआई को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह बिना उसकी अनुमति के जाकिर के एनजीओ को धन जारी नहीं कर सकता।
इस बारे में गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने विदेश सहायता नियामक कानून (एफसीआरए) के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया है और ऐसे में विदेश से किसी भी तरह से धन प्राप्त के लिए उसे पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी।
यह अधिसूचना एफसीआरए 2010 कानून की धारा 11(3) के तहत जारी किया गया है जिसका बहुत कम इस्तेमाल किया जाता है।