जेल प्रशासन के अनुसार, सुबह होने से थोड़ी देर पहले वह किसी तरह सोया, लेकिन अन्य कैदियों की तरह नाश्ते के लिए उसे भी उठा दिया गया। उसने 15 मिनट ध्यान-योग किया और जेल का नाश्ता करने से मना कर दिया। लेकिन अन्य कैदियों के समझाने के बाद चाय पी और गुड़ व चने भी खाए। दोपहर को थोड़ी दाल-रोटी भी खाई। देर शाम भी उसने जेल की रसोई का ही थोड़ा खाना खाया। बता दें कि विचाराधीन कैदी होने के कारण सजा से पहले कोर्ट की इजाजत से साढ़े चार साल तक आसाराम के लिए यहां उसके आश्रम से खाना-नाश्ता आता रहा था, जो बृहस्पतिवार सुबह से बंद हो गया।
ये मिल सकता है आसाराम को काम
जेल प्रशासन के अनुसार कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है, इस कारण आसाराम को जेल में काम करना पड़ेगा। नियमानुसार, 70 साल से अधिक उम्र के बूढ़े कैदियों से कड़ी मेहनत का काम नहीं कराया जाता है। इस कारण आसाराम को भी पूरे परिसर में पौधों में पानी देने या फिर साफ-सफाई रखने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि अभी आसाराम को कैदियों की वर्दी नहीं मिली है और न ही काम आवंटित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, आसाराम को शुक्रवार को वर्दी मिल जाएगी।