पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज भाजपा नेता और नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। बता दें कि, एक दिन पहले विधानसभा में नेता विपक्ष ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की तरफ से विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पार्टी के मुस्लिम विधायकों पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए लाया गया प्रस्ताव पारित किया गया। बता दें कि, ये प्रताव सदन ने ध्वनि मत से पारित किया गया। भाजपा की तरफ से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति देने से स्पीकर बिमान बनर्जी के इनकार के बाद भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट करने के बाद टीएमसी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने प्रस्ताव पेश किया।
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'देश के धार्मिक और सामाजिक ढांचे पर हमला'
निर्मल घोष ने दावा किया कि सुवेंदु अधिकारी ने देश के धार्मिक और सामाजिक ढांचे पर हमला किया है। बता दें कि, सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को टिप्पणी की थी कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर निकाल दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य में सियासत तेज हो गई। इस साथ ही पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ गए है।
सीएम ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विपक्ष के नेता पर मुस्लिम विधायकों पर उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर निशाना साधा था और भाजपा पर राज्य में नकली हिंदू धर्म लाने का आरोप लगाया था। सीएम ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि आपका आयातित हिंदू धर्म वेदों या हमारे ऋषियों द्वारा समर्थित नहीं है। आप मुसलमानों के अधिकारों को कैसे नकार सकते हैं? यह धोखाधड़ी के अलावा कुछ नहीं है।
राज्य की जनसांख्यिकीय विविधता का उल्लेख
इस दौरान सीएम ममता ने पश्चिम बंगाल के जनसांख्यिकीय विविधता का भी उल्लेख किया और कहा कि बंगाल में 23 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की आबादी है, जबकि 33 प्रतिशत मुस्लिम हैं।