मामला दिलचस्प है। आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए लोकसभा में पास विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा चल रही थी। चर्चा में सत्ता पक्ष के राज्यसभा सांसद प्रभात झा बोल रहे थे। प्रभात झा ने अचानक एक दो साल के बच्चे और हाथी की कहानी सुनाते हुए राफेल लड़ाकू विमान का मुद्दा छेड़ दिया। प्रभात झा द्वारा राफेल का नाम लेते ही सदन में बैठे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मुंह बिचकाकर अमित शाह की तरफ इशारा किया। अमित शाह को भी नागवार गुजरा। दोनों प्रभात झा की तरफ मुड़े। संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने भी मोर्चा संभाला और प्रभात झा को अपने वक्तव्य की दिशा बदलनी पड़ी।
हुआ दरअसल यह कि भाजपा के राज्यसभा सांसद ने चर्चा के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला शुरू कर दिया। वह कहने लगे कि एक दो साल के लड़के ने हाथी पर चढ़ने की जिद करके हाथी मंगवाई और चढ़ नहीं पाया। इसी तरह राहुल गांधी हैं कि प्रतिदिन राफेल, राफेल शोर मचा रहे हैं।
इधर कांग्रेस के सांसद अवसर की तलाश में थे। राहुल और राफेल का नाम आते ही विपक्ष के विप्लव ठाकुर समेत अन्य सदस्यों ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया। केंद्रीय वित्त मंत्री को हवा का रुख भांपते हुए देर नहीं लगी और उन्हें तपाक से हस्तक्षेप करना पड़ा।
आपने घटा दिया अनारक्षितों का 10 प्रतिशत आरक्षण
समाजवादी पार्टी के प्रो. रामगोपाल यादव ने बिल का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर 10 प्रतिशत आर्थिक आधार के आरक्षण के बहाने अनारक्षितों का आरक्षण घटा देने का तंज कसा। राम गोपाल ने कहा कि अभी तक आरक्षण का कोटा 49.5 प्रतिशत तक ही है। उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले के माध्यम से 50 प्रतिशत तक आरक्षण का बेंच मार्क तक कर रखा है। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी शामिल हैं।
50 प्रतिशत आरक्षण उस वर्ग के लिए रह गया था, जिसे आरक्षण नहीं मिल रहा है। लेकिन केंद्र सरकार की इस पहल से अब यह घटकर 40 फीसदी हो गया है, क्योंकि 10 प्रतिशत आर्थिक आधार के आरक्षण में देश के 98 प्रतिशत लोग आ जाएंगे। जब राम गोपाल ऐसा कह रहे थे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इससे अपनी सहमति जताई।
मंत्रियों के ड्राइवर तक ठेके पर रखे जा रहे
राम गोपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा साफ नहीं है। वह ईमानदारी से गरीबों को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण देने की मंशा से इस बिल को लेकर नहीं आई है। सरकार का निशाना 2019 है। फिर इसमें दलित, आदिवासी सब आएंगे।
राम गोपाल यादव ने कहा कि रोजगार की स्थिति बहुत खराब है। केंद्र सरकार के मंत्रियों के ड्राइवर तक ठेके पर रखे जा रहे हैं। नौकरियां हैं नहीं और सरकार आरक्षण देने का सपना दिखाकर किसे मूर्ख बना रही है।