मोटापे से शिकार बच्चों के लिए पौधे आधारित खाद्य पदार्थ किसी दवा से कम नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, पौधे आधारित खाद्य पदार्थ से बच्चों में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कम होता है। यह स्वस्थ पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के आहार फाइबर, विटामिन, खनिज और ‘फाइटोन्यूट्रिएंट्स’ की एक शृंखला शामिल है, जो पौधे उन्हें बढ़ने या रोगजनक और कीटों से बचाने में मदद करने के लिए पैदा करते हैं।
मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल और बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने कहा कि कोरोना काल के दौरान सप्ताह में एक बार भी पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ खाने से बच्चों के वजन में बदलाव देखा गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य पैकेजों और बीएमआई में कमी के बीच एक संबंध पाया गया है। प्रिवेंटिंग क्रॉनिक डिजीज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्षों से इस बात के सबूत मिलते हैं कि पौधे आधारित खाद्य पदार्थ से खाद्य-असुरक्षित परिवारों के बच्चों में बचपन में मोटापे को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
मास जनरल फॉर चिल्ड्रन एंड हेल्थ एंड रिसर्च सलाहकार में बाल चिकित्सा पोषण केंद्र के निदेशक, वरिष्ठ लेखक लॉरेन फिचटनर, एमडी, एमपीएच ने कहा, बचपन के दौरान स्वस्थ खाने की आदतों को बढ़ावा देना करना महत्वपूर्ण है, ताकि बढ़ती उम्र के साथ बाद में मोटापे से जुड़ी बीमारियों को रोकने में मदद मिल सके।
अमेरिका में खाद्य असुरक्षा में 55% की वृद्धि
2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका में खाद्य असुरक्षा में 55 फीसदी की वृद्धि हुई है। इससे बच्चों के साथ 42 फीसदी परिवार प्रभावित हुए। जैसे-जैसे खाद्य असुरक्षा बढ़ी, वैसे-वैसे बच्चों में बचपन में ही मोटापे का असर 2019 और अगस्त 2020 के बीच 19.3 फीसदी से बढ़कर 22.4 फीसदी हो गया। खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे परिवारों के पास भोजन के लिए पर्याप्त पैसा न होना सबसे अहम कारण है। फिचटनर ने कहा, इसके चलते परिवार बच्चों के लिए सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ खरीद रहे हैं, जो अकसर पौष्टिक नहीं होते हैं और मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ाते हैं।