अध्ययन के मुताबिक, क्षेत्र की 24 प्रमुख बीज कंपनियों के आकलन से पता चलता है कि 21 कंपनियां भारत में बीज बेचती हैं। 18 कंपनियों ने देश में प्रजनन और उत्पादन गतिविधियों में निवेश किया है। इसकी तुलना में केवल 11 कंपनियों ने थाईलैंड और आठ कंपनियों ने इंडोनेशिया में प्रजनन गतिविधियों में निवेश किया है। ये दोनों देश अन्य प्रमुख क्षेत्रीय बीज केंद्र हैं।
थाईलैंड की कंपनी शीर्ष पर
इंडेक्स की पहली बार जारी रैंकिंग में चार भारतीय बीज कंपनियां एडवांटा, एक्सेन हाइवेज, नामधारी सीड्स ओर न्यूजीवेदु सीड्स दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हैं। यह रैंकिंग छोटी कृषि जोत वाले किसानों को फसल उत्पादकता बढ़ाने में मदद देने के प्रयासों के आधार पर तैयार की गई है। इस सूची में थाइलैंड की ईस्ट-वेस्ट सीड कंपनी शीर्ष पर है।
एक्सेस टु सीड्स इंडेक्स के कार्यकारी निदेशक इडो वेरहेगन का कहना है कि भारत में निवेश करने वाली कई विदेशी और मजबूत प्रदर्शन करने वाली घरेलू बीज कंपनियों के साथ देश खुद को क्षेत्र के छोटे कृषि जोत वाले किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज के विकास और आपूर्ति के लिए एक असली पावरहाउस के रूप में पेश करता है। हालांकि, अधिकांश छोटे कृषि जोत वाले किसानों तक अब भी इसकी पहुंच नहीं है।
यूपी सरकार से समझौता
भारत में मौजूद 83 फीसदी कंपनियां कई प्रकार की विस्तार सेवाएं प्रदान करती हैं। न्यूजीवेदु सीड्स भारत में क्षमता निर्माण के कई उदाहरणों को पेश करती है। इसने 25 जिलों में 40,000 किसानों के साथ चावल और मक्का उत्पादन पर सहयोगी विस्तार कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया है।
इंडेक्स के मुताबिक, घरेलू बीज कंपनियां नामधारी सीड्स और न्यूजीवेदु सीड्स को प्रजनन कार्यक्रमों और छोटी कृषि जोत वाले किसानों की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं पर मजबूत तरीके से ध्यान देने के कारण उच्च अंक मिले हैं।
वहीं, एक्सेन हाइवेज बीज प्रकार और पैकेज आकारों में प्रदान की जाने वाली व्यापक पसंद के साथ एक उदाहरण पेश करता है। एडवांटा किसानों के लिए अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण जाना जाता है, जो किसी भी अन्य कंपनी की तुलना में क्षेत्र के अधिक देशों को कवर करता है।