भारतीय खगोलविदों की एक टीम ने ऐसे सुपरनोवा के विस्फोट के संभावित तंत्र के बारे में पता लगाया है, जो ब्रह्मांड संबंधी दूरियों की प्रमुख माप की जानकारी देते हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स में पीएचडी के छात्र अनिर्बन दत्ता और उनके सहयोगियों का शोध हाल ही में मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी (एमएनआरएएस) नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। यह शोध सुपरनोवा की पूर्वज प्रणाली के एक कार्य के साथ-साथ इसके गुणों और इस तरह के सुपरनोवा के विस्फोट तंत्र के रूप में इस विविधता को समझने में मदद करेगा।