भारत में वैज्ञानिकों ने पहली बार शहरी स्थानों पर तीन नैनोमीटर से छोटे एयरोसॉल कणों के घनत्व, आकार और विकास का पता लगाया है। वैज्ञानिकों ने वातावरण में तीन नैनोमीटर से छोटे एयरोसॉल कणों को लगातार बनते हुए भी पाया है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा इस खोज का बहुत अधिक महत्व है, क्योंकि इन नवगठित कणों का एक बड़ा अंश बादल संघनन नाभिक के आकार तक पहुंच सकता है, जहां उनका प्रभाव जलवायु पर पड़ सकता है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से वैज्ञानिकों ने लगाया पता
वातावरण में तीन नैनोमीटर से आकार के छोटे अणु समूहों के गठन को तकनीकी रूप से एयरोसॉल न्यूक्लिएशन कहा जाता है। इन नवगठित समूह के बड़े आकार में वृद्धि को वायुमंडलीय नए कण गठन यानी एनपीएफ कहा जाता है। हैदराबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भारत में किसी तटस्थ स्थान पर पहली बार तीन नैनोमीटर कणों को मापा है।