इस साल की गणतंत्र दिवस की परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का अनूठा मेल-जोल देखने को मिला। 2025 भारतीय संविधान के लागू होने का 75वां साल है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए सरकार ने कई खास तैयारियां भी की हैं। खासकर इस बार समारोह में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सरपंचों-पंचों से लेकर आम लोगों तक को शामिल करने की योजनाएं हैं।
आइये जानते हैं इस बार गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी अहम बातें...
1. क्या रहेगा गणतंत्र दिवस परेड का समय-स्थान?
26 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचेंगे। इसी के साथ गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत होगी। समारोह के प्रमुख आकर्षणों में से एक गणतंत्र दिवस परेड का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच है। इस दौरान राष्ट्रपति पारंपरिक बग्गी में कर्तव्य पथ पर पहुंचेंगी और एक औपचारिक मार्च पास्ट के दौरान सलामी लेंगी। इसमें सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल, सहायक नागरिक बल, एनसीसी और एनएसएस की इकाइयां शामिल होंगी।
2. इस बार कौन होगा गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि?
इस साल इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। उनके साथ इस बार इंडोनेशिया का 350 सदस्यीय दल भारत आया है, जिसमें 160 सदस्यीय मार्चिंग दल और 190 सदस्यीय बैंड दल भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च पास्ट में हिस्सा लेंगे। जानें कौन हैं प्रबोवो सुबियांतो।
3. इस बार गणतंत्र दिवस की थीम क्या?
इस वर्ष देश की अलग-अलग राज्य सरकारें/केंद्र शासित प्रदेश (जिनकी संख्या 16 होगी)/केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों/संगठनों (जिनकी संख्या 15 होगी) से 31 झांकियां गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेंगी। इस वर्ष की झांकी का विषय 'स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' है। दो झांकियां भारत के संविधान के 75 वर्षों का प्रदर्शन करेंगी। अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल और भारत मौसम विज्ञान विभाग हैं।
पिछले साल गणतंत्र दिवस की थीम 'विकसित भारत' और 'भारत-लोकतंत्र की मातृका' रखी गई। तब समारोह में दिखने वाली झांकियों से लेकर परेड और थीम तक के केंद्र में महिलाएं थीं।
4. गणतंत्र दिवस समारोह को कैसे देख सकेंगे?
गणतंत्र दिवस समारोह में को देखने और इसमें हिस्सा लेने के लिए लोगों के लिए विशेष सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया। नागरिकों को सुविधा प्रदान करने और गणतंत्र दिवस समारोह- 2025 पर विभिन्न कार्यक्रमों को देखने और जानकारी प्राप्त करने में आसानी जैसे टिकटों की बुकिंग, बैठने और पार्किंग की व्यवस्था आदि तक पहुंच प्राप्त करने के लिए एक व्यापक मोबाइल ऐप और पोर्टल 'राष्ट्रपर्व पोर्टल' विकसित किया है। यह गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट जैसे कार्यक्रमों से संबंधित सभी विवरणों के लिए एक फोकस पॉइंट के रूप में काम करता है।
इतना ही नहीं गणतंत्र दिवस समारोह देखने के लिए जाने वाले लोगों की सुविधा के मद्देनजर पूरी दिल्ली में मेट्रो सेवाएं सुबह 4 बजे से शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा आमंत्रित लोग पार्क एंड राइड योजना के तहत अपना वाहन पालिका पार्किंग, कनॉट प्लेस और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पार्किंग क्षेत्र (गेट-14 और 15) में पार्क करेंगे, जहां से वे डीटीसी बसों के माध्यम से फेरी सेवाओं (पिक एंड ड्रॉप) का उपयोग करेंगे। फेरी सेवाएं सुबह 6:00 बजे शुरू होंगी और 8:30 बजे बंद हो जाएंगी।
5. क्या होगा गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण
गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत देश के विभिन्न हिस्सों के 300 सांस्कृतिक कलाकार 'सारे जहां से अच्छा' संगीत वाद्ययंत्र बजाते हुए करेंगे। वाद्ययंत्रों का एक स्वदेशी मिश्रण जो करोड़ों भारतीयों के दिलों की धुन, ताल और आशाओं से गूंजता है। वाद्ययंत्रों के समूह में पवन और तालवाद्यों का एक विस्तृत मिश्रण शामिल है, जैसे शहनाई, सुंदरी, नादस्वरम, बीन, मशक बीन, रणसिंघा-राजस्थान, बांसुरी, कराडी मजालु, मोहुरी, शंख, तुतारी, ढोल, गोंग, निशान, चांग, ताशा, संबल, चेंडा, इडक्का, लेज़िम, थविल, गुडुम बाजा, तालम, मोनबाह आदि।
सांस्कृतिक प्रदर्शन: आरडीसी 2025 के सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत संस्कृति मंत्रालय के संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से 'जयति जया ममः भारतम' शीर्षक में 5000 कलाकारों के साथ 11 मिनट के सांस्कृतिक प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से 45 से अधिक नृत्य शैलियां शामिल होंगी। पहली बार प्रदर्शन विजय चौक और सी हेक्सागोन से पूरे कर्तव्य पथ को कवर करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मेहमानों को समान रूप से देखने का अनुभव मिले।
फ्लाईपास्ट: इस वर्ष विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों की 31 झांकियां भाग लेंगी, जो 'स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास' विषय पर आधारित होंगी। राष्ट्रगान के बाद भारतीय संविधान के 75वें वर्ष के आधिकारिक लोगो के बैनर वाले गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इस कार्यक्रम का समापन 47 विमानों के फ्लाईपास्ट के साथ होगा।
गणतंत्र दिवस के 75 साल पूरे, जनभागीदारी के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन
राष्ट्र और समाज निर्माण में विशेष योगदान करने वालों को सम्मानित करने के लिए जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के विशेष मेहमानों को इस कार्यक्रम को देखने के लिए सरकार के विशेष मेहमानों के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये मेहमान अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले हैं साथ ही स्वर्णिम भारत के वास्तुकार हैं। आरडीसी 2025 के लिए 34 श्रेणियों में लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें प्रमुख सरकारी योजनाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गांवों के सरपंच भी शामिल हैं।
उत्सव में लोगों की भागीदारी: दिल्ली में रहने वाले प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को पारंपरिक पोशाक में आरडीसी-2025 परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। पहली बार माईगोव (MyGov) और ऑल इंडिया रेडियो के सहयोग से रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित की जा रही विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के लगभग 2,000 विजेताओं को आमंत्रित किया गया।