Republic Day: कौन हैं फ्रेंच टुकड़ी में शामिल छह भारतीय? थल सेना को शरण्या ने लीड किया; जानें इनके बारे में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:31 PM IST
सार
Republic Day Parade 2024: 75वें गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिए फ्रांसीसी मार्चिंग दस्ता और एक बैंड दल भी भारत आया। इसमें छह भारतीय भी शामिल रही हैं। वहीं, पहली बार तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी का मार्च हुआ जिसमें थल सेना की कमान कैप्टन शरण्या राव के हाथों में थी।
गणतंत्र दिवस 2024
- फोटो : Amar Ujala
इस बार हम 75वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इस साल के समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि रहे हैं। यह गणतंत्र दिवस देशवासियों खासकर महिलाओं लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। इस बार के गणतंत्र दिवस के लिए झांकी, परेड और थीम के केंद्र में महिलाएं रहीं। सबसे बड़ा बदलाव तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी का मार्च रहा है। इसमें थल सेना की ओर से इस मार्च का नेतृत्व कैप्टन शरण्या राव ने किया। इसके परेड में भाग लेने के लिए फ्रांस से एक मार्चिंग दस्ता और एक बैंड दल भी भारत आया। इसमें छह भारतीय फ्रांसीसी दस्ता का हिस्सा रहे। आइये जानते हैं इन सभी के बारे में...
गणतंत्र दिवस 2024
- फोटो : Amar Ujala
इस बार हम 75वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इस साल के समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि रहे हैं। यह गणतंत्र दिवस देशवासियों खासकर महिलाओं लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। इस बार के गणतंत्र दिवस के लिए झांकी, परेड और थीम के केंद्र में महिलाएं रहीं। सबसे बड़ा बदलाव तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी का मार्च रहा है। इसमें थल सेना की ओर से इस मार्च का नेतृत्व कैप्टन शरण्या राव ने किया। इसके परेड में भाग लेने के लिए फ्रांस से एक मार्चिंग दस्ता और एक बैंड दल भी भारत आया। इसमें छह भारतीय फ्रांसीसी दस्ता का हिस्सा रहे। आइये जानते हैं इन सभी के बारे में...
शरण्या राव
- फोटो : Social media
इस बार के परेड में क्या नया था?
महिला आधारित गणतंत्र दिवस थीम के तहत परेड में पहली बार महिलाओं की त्रि-सेवा टुकड़ी भी कर्तव्य पथ पर मार्च करती हुए दिखाई दीं। इसमें कैप्टन शरण्या राव ने थलसेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया। शरण्या राव वर्तमान में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हैं। वह कर्नाटक के कोडागु जिले की रहने वाली हैं। शरण्या के पिता का नाम मैथिली राव है।
शरण्या राव बीई ग्रेजुएट हैं। उन्होंने कर्नाटक में पोन्नामपट स्थित कूर्ग इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कूर्ग इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की मानें तो शरण्या शैक्षणिक, खेल और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सर्वश्रेष्ठ छात्रों में से एक थीं।
शरण्या को 20 नवंबर 2021 को भारतीय सेना में नियुक्त किया गया था। उनकी यह नियुक्ति चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में तकनीकी शाखा में बतौर लेफ्टिनेंट हुई थी।
...मेरे लिए गर्व की बात: शरण्या
इससे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में कैप्टन शरण्या राव ने कहा था, 'मैं थलसेना की टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हूं। मेरे लिए यह गर्व की बात है, क्योंकि ऐसा इतिहास में पहली बार हो रहा है।'
फ्रांस की सेना में भारतीय क्यों?
दरअसल, फ्रांस में विदेशी सेना की एक कोर होती है जिसका नाम 'फ्रेंच फॉरेन लीजन' है। 1831 में स्थापित की गई फ्रेंच फॉरेन लीजन को फ्रेंच सेना का एक अभिन्न अंग माना जाता है। फ्रांसीसी मार्चिंग दल के कमांडर कैप्टन नोएल लुइस ने कहा कि यह विशिष्ट सैन्य कोर विदेशियों के लिए फ्रांसीसी सेना में कुछ शर्तों के साथ सेवा करने का मौका देता है। वर्तमान में इसमें लगभग 9,500 अधिकारी और सेनापति हैं। इस कोर में दुनियाभर से लगभग 140 देशों के लोग हैं।
फ्रांसीसी सेना में शामिल में भारतीय कौन?
75वें गणतंत्र दिवस की परेड में फ्रांस की 95 सदस्यीय मार्चिंग टीम और 33 सदस्यीय बैंड दल ने भी शिरकत किया। भारतीय वायु सेना के विमानों के साथ एक मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) विमान और फ्रांसीसी वायुसेना के दो राफेल लड़ाकू जेट ने भी फ्लाई-पास्ट में हिस्सा लिया।
इस फ्रांसीसी दल में छह भारतीय भी हिस्सा रहे। इनमें सीसीएच सुजन पाठक (हेड कॉर्पोरल), सीपीएल दीपक आर्य (कॉर्पोरल), सीपीएल परबीन टंडन (कॉर्पोरल), गुरवचन सिंह (फर्स्ट क्लास लीजियोनेयर), अनिकेत घर्तिमागर (फर्स्ट क्लास लीजियोनेयर) और विकास डीजेसेगर (फर्स्ट क्लास लीजियोनेयर) शामिल हैं।
फ्रेंच फॉरेन लीजन के एक अधिकारी कैप्टन लोइक एलेक्जेंडर ने कहा, 'हम यहां भारत में आकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यहां हमारा बहुत अच्छे से स्वागत किया गया है। मैं तमाम सेवाओं के लिए धन्यवाद देता हूं।'