वो दिखने में भले ही छोटे है लेकिन उनके अदम्य साहस ने अच्छे अच्छों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। किसी ने अपने साहस के आगे सट्टा और जुआ वालों को खदेड़ दिया तो कोई अपनी जान की परवाह न करते हुए तेंदुए से भिड़ गया और उसके जबड़े से मां-भाई को बचा लिया। इन साहसी बच्चों की कहानी यहीं खत्म नहीं होती है इनमें वो बच्चे भी शामिल हैं जिन्होंने दूसरों की जिंदगी को बचाने के लिए अपनी ईहलीला ही समाप्त कर डाली। ऐसे ही 18 बच्चों को देश गणतंत्र दिवस पर सलामी देगा।
ऐसी ही वीर बच्ची हैं नाजिया खान, उन्हें गैर कानूनी धंधे में जुड़े लोगों ने जान से मार डालने की धमकी भी दी इसके बावजूद जुए और सट्टेबाजी के गैरकानूनी धंधे को बंद कराने में जुटी रही उत्तर प्रदेश के आगरा की 18 वर्षीय नाजिया खान को शीर्ष वीरता सम्मान भारत अवार्ड से नवाजा जाएगा। अदम्य साहस के भरे बच्चों में 7 लड़कियां और 11 लड़के शामिल हैं। तीन बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया जाएगा। सम्मानित बच्चों में सबसे छोटी ओडिशा की छह साल आठ महीने की ममता दलाई है जो अपनी बहन को बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई और उसे भगाकर ही मानी।
भारतीय बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने बताया कि गीता चोपड़ा अवार्ड 14 साल की स्वर्गीय कुमार नेत्रावती एम चव्हान को दिया जा रहा है उसने अपने जीवन की परवाह किए बिना दो लोगों को डूबने से बचाया था लेकिन खुद नहीं बच सकी।
वहीं वीरता में अदम्य साहस का परिचय देने वाले वीर बच्चों में संजय चोपड़ा पुरस्कार अमृतसर के 17 वर्षीय करणबीर को मिला है। उसने नहर में गिरी स्कूल बस के डूबने के बाद अपनी जान बचाने के बजाए 15 बच्चों को बचाया। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के पंकज सेमवाल ने तेंदुए से अपनी मां और भाई की जान बचाई थी। बापू गैधानी अवार्ड तीन लोगों छत्तीसगढ़ की लक्ष्मी यादव, ओडिशा सात वर्षीय ममता दलाई और केरल के मास्टर सेबेस्टियन विसेंट को दिया गया है।
इन वीर बच्चों का सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कार्यक्रम में 24 जनवरी को करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में इन बच्चों के लिए रिसेप्शन की मेजबानी करेंगे। ये सभी बच्चे 26 जनवरी को निकलने वाली परेड में भी शामिल होंगे। यह वीरता पुरस्कार 6 से 18 साल की उम्र के बच्चों को हर साल दिया जाता है। इन वीर बच्चों को मेघालय के बेत्शवाजॉन पीनलांग, नगालैंड की मानशा एन., एन. शेंगपॉन कोनयक, योकनेई, चिंगाई वांग्सा, गुजरात के समृद्धि सुशील शर्मा, मिजोरम के जोनुनलुआंगा और एफ. लालछंदमा, महाराष्ट्र के नदाफ एजाज अब्दुल राउफ, मणिपुर से लोकरापाम राजेश्वरी चानू, ओडिशा से पंकज कुमार महंत शामिल हैं।